जरुरी जानकारी | डब्ल्यूटीओ समेत तीन निकायों ने ‘ट्रेड फाइनेंस’ अंतर कम करने के लिये कदम उठाने का आह्वान किया

नयी दिल्ली, नौ जुलाई विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ), इंटरनेशनल चैंबर ऑफ कामर्स (आईसीसी) और बी20 सऊदी अरबिया ने बृहस्पतिवार को ‘ट्रेड फाइनेंस’ यानी व्यापार में जरूरी वित्तीय उत्पादों की मांग एवं आपूर्ति के बीच अंतर को कम करने के लिये कदम उठाने का आह्वान किया।

उनका कहना है कि कोविड- 19 के बाद यह दुनिया भर में आयात और निर्यात को फिर से गति देने को लेकर महत्वपूर्ण कारक है।

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तीनों निकायों ने संयुक्त बयान में आगाह करते हुए कहा कि ‘ट्रेड फाइनेंस’ में मांग एवं आपूर्ति में अंतर कोविड-19 संकट के बाद आर्थिक पुनरूद्धार में समर्थन देने की व्यापार की क्षमता को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है।

डब्ल्यूटीओ ने ‘ट्रेड फाइनेंस’ की उपलब्धता में कमी का उल्लेख करते हुए निजी और सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों से इस कमी को पूरा करने के लिये मिलकर काम करने को कहा।

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बयान में कहा गया है कि यह (ट्रेड फाइनेंस) दुनिया भर में आयात और निर्यात को फिर से गति देने को लेकर महत्वपूर्ण तत्व है।

तीनों निकायों ने कहा, ‘‘चूंकि ‘ट्रेड फाइनेंस’ की जरूरत 2,000 अरब डॉलर से लेकर 5,000 अरब डॉलर तक है। इस मांग को पूरा करना चुनौतीपूर्ण होगा।’’

बयान के अनुसार इस बात को लेकर गंभीर चिंता है कि मांग और आपूर्ति में बढ़ता अंतर खासकर सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) और विकासशील देशों में कंपनियों को प्रभावित करेगा। इसका असर रोजगार और आय पर पड़ेगा।

तीनों निकायों ने निजी और सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों से साथ मिलकर ‘ट्रेड फाइसेंन’ लेन-देन के प्रसंस्करण में ई-दस्तावेज समेत कागज रहित कारोबार को तेजी से लागू करने को कहा।

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