नयी दिल्ली, 30 मार्च सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 की जुलाई-सितंबर तिमाही के लिए पीपीएफ और एनएससी सहित विभिन्न लघु बचत योजनाओं पर ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। यह लगातार छठी तिमाही है जब लघु बचत योजनाओं पर ब्याज दरों को यथावत रखा गया है।
वित्त मंत्रालय ने एक अधिसूचना में कहा, ‘‘एक जुलाई, 2025 से शुरू होकर 30 सितंबर, 2025 को समाप्त होने वाली तिमाही में विभिन्न छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरें अपरिवर्तित रहेंगी। इन योजनाओं पर वही ब्याज दर मिलती रहेगी जो वित्त वर्ष 2025-26 की अप्रैल-जून तिमाही के लिए अधिसूचित की गयी थी।’’
अधिसूचना के मुताबिक, सुकन्या समृद्धि योजना के तहत जमा पर 8.2 प्रतिशत ब्याज दर मिलेगी, जबकि तीन साल की सावधि जमा पर ब्याज 7.1 प्रतिशत पर बरकरार रहेगा।
लोकप्रिय सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ) और डाकघर बचत जमा योजनाओं की ब्याज दरें भी दूसरी तिमाही के लिए क्रमशः 7.1 प्रतिशत और चार प्रतिशत पर बरकरार रखी गई हैं।
किसान विकास पत्र पर ब्याज दर पहले की तरह 7.5 प्रतिशत होगी और यह निवेश 115 महीनों में परिपक्व होगा।
राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (एनएससी) पर ब्याज दर जुलाई-सितंबर तिमाही के लिए 7.7 प्रतिशत पर बनी रहेगी।
पहली तिमाही की तरह दूसरी तिमाही में भी मासिक आय योजना में निवेश करने वालों को 7.4 प्रतिशत ब्याज मिलता रहेगा।
इसके साथ ही डाकघरों और बैंकों द्वारा संचालित छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरों में लगातार छठी तिमाही में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
सरकार ने ब्याज दरों में पिछली बार बदलाव 2023-24 की चौथी तिमाही में कुछ योजनाओं में किया था।
सरकार प्रत्येक तिमाही में छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरों को अधिसूचित करती है।
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