नयी दिल्ली, 22 जुलाई भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शनिवार को आरोप लगाया कि राजस्थान, पश्चिम बंगाल और बिहार जैसे विपक्ष शासित राज्यों में महिलाओं के खिलाफ जघन्य अपराधों की सूची लंबी है, लेकिन विपक्षी पार्टियां मणिपुर की घटना पर राजनीति कर रही हैं।
हिंसाग्रस्त राज्य मणिपुर में एक समुदाय की दो महिलाओं को विरोधी समुदाय के लोगों के एक समूह द्वारा निर्वस्त्र कर घुमाने का एक वीडियो वायरल हुआ है जिसके बाद देश में गुस्से का माहौल है। यह घटना चार मई की है जिसका वीडियो 19 जुलाई को वायरल हुआ।
सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने यहां भाजपा मुख्यालय में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए विपक्षी दलों पर निशाना साधा। उन्होंने राजस्थान, बिहार व पश्चिम बंगाल में महिलाओं के खिलाफ दर्ज कुछ आपराधिक मामलों का संदर्भ दिया और कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, राहुल गांधी एवं अन्य विपक्षी दलों के नेताओं पर गैर-भाजपा शासित राज्यों में महिलाओं के साथ अपराधों पर चुप्पी साधने का आरोप लगाया।
ठाकुर ने आरोप लगाया, ''बंगाल से लेकर बिहार और राजस्थान तक तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी), जनता दल (यूनाइटेड) (जदयू), राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और कांग्रेस द्वारा शासित राज्यों में महिलाओं के साथ अपराध चरम पर हैं लेकिन इन राज्यों में सरकार 'मूक दर्शक' बनी हुई हैं।'' उन्होंने कहा, ''वह (विपक्षी दल) गठबंधन की बात करते हैं लेकिन उनके नेताओं को देखिए किसी ने भी इस पर कुछ कहा।''
ठाकुर ने दावा किया कि राजस्थान में पिछले चार वर्षों में महिलाओं के खिलाफ अपराध के एक लाख से ज्यादा मामले दर्ज किए गए हैं।
उन्होंने कहा, '''' राजस्थान में कुल 33 हजार मामले महिलाओं के यौन उत्पीड़न से संबंधित हैं। लेकिन गांधी परिवार मूक दर्शक बना हुआ है।''
राजस्थान सरकार में मंत्री राजेंद्र गुढ़ा को हटाए जाने को लेकर अनुराग ठाकुर ने कहा कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी के निर्देशों पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मंत्री को हटाया क्योंकि उन्होंने (गुढ़ा) राज्य में महिलाओं के साथ बढ़ते अपराधों पर चिंता व्यक्त की थी।
ठाकुर ने आरोप लगाया कि गुढ़ा को इसलिए बर्खास्त किया गया क्योंकि उन्होंने (गुढ़ा) राजस्थान में महिलाओं के साथ अपराध के मामलों में वृद्धि को लेकर चिंता व्यक्त की थी और इस मुद्दे पर बहस की मांग करते हुए आत्मनिरीक्षण करने को कहा था।
ठाकुर ने पूछा, ''क्या मु्ख्यमंत्री गहलोत अपना इस्तीफा देंगे, जब उनके ही मंत्री यह कहते हैं कि मुख्यमंत्री अपना इकबाल खो चुके हैं और वह भी तब- जबकि उनके (गहलोत के) गृह जिले में एक महिला की हत्या कर उसे जला दिया जाता है। इतना ही नहीं उनके (गहलोत) निवास से पांच किलोमीटर दूर एक महिला के साथ बलात्कार कर उसे मरने के लिए छोड़ दिया जाता है?''
उन्होंने कहा, ''यह (कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन) खरगे और गांधी परिवार के नेताओं से सवाल है।'' ठाकुर ने कहा कि क्या वह (कांग्रेस नेता) अपनी जिम्मेदारी भूल गए हैं।
तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जब बात महिलाओं के साथ अपराध की होती है तो पश्चिम बंगाल भी राजस्थान से पीछे नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया, ''ममता (बनर्जी) जी, मुझे नहीं पता कि आपके दिल में थोड़ी सी भी ममता बची है या नहीं लेकिन हावड़ा के पांचला इलाके में इंसानियत शर्मसार हो गई, जब तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के 40 से ज्यादा गुंड़ों ने पंचायत चुनाव वाले दिन एक महिला को निर्वस्त्र कर घुमाया था और चुनाव लड़ रहे उम्मीदवार के साथ मार-पीट कर उसे अपमानित किया था।''
मंत्री ने दावा किया, ''सिर्फ इतना ही नहीं, एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें पश्चिम बंगाल के मालदा में दो महिलाओं को अर्ध-नग्न कर घुमाया गया था।’’
उन्होंने कहा, ''ममता बनर्जी की ममता कहां गई? राज्य सरकार कहां है? कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई?''
ठाकुर ने कहा कि राजस्थान, पश्चिम बंगाल और बिहार में महिलाओं के साथ जघन्य अपराधों की सूची काफी लंबी है, लेकिन विपक्षी दल मणिपुर घटना को तूल देकर राजनीति कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, ''एक तरफ बिहार में महिलाओं की इज्जत तार-तार हो रही है, लेकिन मुख्यमंत्री और उनके उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के लिए राज्य में सब कुछ ठीक है।''
केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि मणिपुर की घटना पर विपक्षी दलों ने लगातार दो दिनों तक संसद की कार्यवाही बाधित की और पूर्वोत्तर राज्य की स्थिति पर चर्चा से भाग रहे हैं, जबकि सरकार इसके लिए तैयार है।
उन्होंने कहा, '' महिला के साथ अपराध, अपराध है फिर चाहे वह मणिपुर में हुआ हो या बिहार, राजस्थान, पश्चिम बंगाल या फिर छत्तीसगढ़ में। अपराध को अलग-अलग परिभाषित नहीं किया जा सकता। राज्यों को कार्रवाई करनी होगी।''
मंत्री ने कहा, ''लेकिन, वह (विपक्षी दल) केवल राजनीति करना चाहते हैं। अपने (विपक्षी दल) शासन वाले राज्यों का रिपोर्ट कार्ड देने के बजाय, वे राजनीति कर रहे हैं।’’
उन्होंने कहा कि देश देख रहा है। सवाल का जवाब देते हुए मंत्री ने बताया कि सरकार मणिपुर के हालात पर चर्चा के लिए बिल्कुल तैयार है और यह तय करना राज्यसभा के सभापति और लोकसभा के अध्यक्ष का विशेषाधिकार है कि यह किस नियम के तहत होनी चाहिए।
उन्होंने कहा, ''हम ना तो अपनी जिम्मेदारी से भाग रहे हैं और ना ही बहस में भाग लेने से। लेकिन (विपक्ष को) कम से कम महिलाओं के खिलाफ अपराध पर राजनीति करना बंद करनी चाहिए।''
अनुराग ठाकुर ने कहा, ''मैं विपक्षी दलों से अनुरोध करता हूं कि वह अपने-अपने राज्यों में दर्ज महिलाओं के खिलाफ अपराधों की लंबी सूची के साथ सोमवार को संसद में आएं ताकि ऐसी सभी घटनाओं पर चर्चा हो।''
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