हमीरपुर (हिमाचल प्रदेश), 15 जून राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने बृहस्पतिवार को एक स्वयंसेवक के जीवन में उपवास, दृढसंकल्प, प्रतिज्ञा का महत्व बताया।
हमीरपुर के टिप्पर गांव में स्वयंसेवकों के शिविर में सरसंघचालक ने कहा, ‘‘प्रतिज्ञा में हम ईश्वर को याद करते हैं और तन-मन-धन से जीवन भर संघ का स्वयंसेवक बने रहने की प्रतिज्ञा लेते हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘साथ ही हम अपने पूर्वजों को याद करके हम उनके द्वारा दिखाए गए पथ पर चलना सुनिश्चित करते हैं।’’
उन्होंने उत्तर भारत के विभिन्न हिस्सों से आए स्वयंसेवकों के साथ बैठक की।
सरसंघचालक शुक्रवार को छात्रों की जिज्ञासा शांत करने के लिए उनसे बातचीत करेंगे।
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