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देश की खबरें | सभी भर्तियां निश्चित समय में पूरी करना राज्य सरकार की प्राथमिकता: गहलोत

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजस्थान प्रशासनिक सेवा आरएएस की मुख्य परीक्षा स्थगित करने की कुछ परीक्षार्थियों की मांग को खारिज करते हुए मंगलवार को कहा कि सभी भर्तियां निश्चित समय में पूरी करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है और इसके साथ ही उन्होंने कहा कि आरएएस मुख्य परीक्षा स्थगित करने की मांग न्यायोचित नहीं है।

देश की खबरें | सभी भर्तियां निश्चित समय में पूरी करना राज्य सरकार की प्राथमिकता: गहलोत

जयपुर, 21 फरवरी राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजस्थान प्रशासनिक सेवा आरएएस की मुख्य परीक्षा स्थगित करने की कुछ परीक्षार्थियों की मांग को खारिज करते हुए मंगलवार को कहा कि सभी भर्तियां निश्चित समय में पूरी करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है और इसके साथ ही उन्होंने कहा कि आरएएस मुख्य परीक्षा स्थगित करने की मांग न्यायोचित नहीं है।

आरएएस मुख्य परीक्षा 25 और 26 फरवरी को होने वाली है और उम्मीदवार इसे स्थगित किए जाने की मांग को लेकर राज्य के कई हिस्सों में आंदोलन कर रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सहित अनेक नेता परीक्षा स्थगित करने की मांग उठा चुके हैं।

मुख्यमंत्री गहलोत ने सोमवार को एक बयान में कहा कि प्रतियोगी परीक्षाएं समयबद्ध रूप से आयोजित कर सभी भर्तियां निश्चित समय में पूरी करना राज्य सरकार की प्राथमिकता में है। उन्होंने कहा कि इसी के तहत राजस्थान लोक सेवा आयोग व राजस्थान कर्मचारी बोर्ड द्वारा भर्ती कैलेण्डर जारी कर उसके अनुरूप कर परीक्षाओं का आयोजन किया जा रहा है।

इसके अनुसार आरएएस मुख्य परीक्षा का आयोजन भी 25 व 26 फरवरी, 2022 को आरपीएससी के कैलेण्डर के अनुसार किया जा रहा है। मुख्य परीक्षा में शामिल हो रहे अधिकांश अभ्यर्थी चाहते हैं कि परीक्षा तय समय पर हो। परीक्षा स्थगित होना अधिकांश परीक्षार्थियों के हित में नहीं है क्योंकि इससे उन पर आर्थिक एवं मानसिक दबाव पड़ेगा। ऐसे में, कुछ अभ्यर्थियों द्वारा की जा रही मुख्य परीक्षा को स्थगित करने की मांग न्यायोचित नहीं है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आरएएस की भर्ती प्रक्रिया के तीन चरणों प्रारम्भिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा एवं साक्षात्कार को एक वर्ष में पूरा करने के लिए प्रारम्भिक एवं मुख्य परीक्षा के बीच 90 से 100 दिन का अंतराल रखना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि इससे अधिक अंतराल होने से तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। आरएएस मुख्य परीक्षा का आयोजन समय पर नहीं होने से आरपीएससी द्वारा जारी भर्ती कैलेण्डर की अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में भी विलम्ब होने की आशंका है।

गहलोत ने कहा,'मुख्य परीक्षा की तिथि आगे बढ़ाने की मांग कर रहे अभ्यर्थियों का यह कहना भी तर्कसंगत नहीं है कि परीक्षा के पाठ्यक्रम में बदलाव के कारण उन्हें तैयारी का पूरा समय नहीं मिल पाया क्योंकि राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा पूर्व में यह स्पष्टीकरण जारी किया जा चुका है कि पाठ्यक्रम में थोड़ा सा बदलाव वर्तमान परिस्थितियों के अनुरूप किया गया समसामयिक बदलाव है। नए शामिल किए गए टॉपिक पुराने विषयों से जुड़े हुए ही हैं तथा परीक्षा का अधिकांश सिलेबस यथावत है। इससे मुख्य परीक्षा में बैठ रहे अभ्यर्थियों को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी।'

गहलोत ने कहा कि भर्ती प्रक्रियाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता के कारण वर्तमान सरकार द्वारा अभी तक एक लाख युवाओं को सरकारी विभागों में नियुक्तियां प्रदान की गई हैं और विभिन्न विभागों की लगभग एक लाख से अधिक भर्तियां प्रक्रियाधीन हैं।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले दिन में मुख्यमंत्री के सलाहकार संयम लोढ़ा व कांग्रेस विधायक वेद सोलंकी ने यह परीक्षा स्थगित करने की मांग की। लोढ़ा ने ट्वीट किया,'सिलेबस में बदलाव, तैयारियों का समय तीन माह और जरूरी पुस्तकें भी बाजार में उपलब्ध नहीं। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से विनती आरएएस मुख्य परीक्षा की तिथि बढ़ाकर अभ्यर्थियों को राहत प्रदान करें।'

पूर्व मुख्यमंत्री राजे, सांसद किरोड़ी मीणा सहित भाजपा के कई नेता भी इसे स्थगित करने की मांग उठा चुके हैं।

पृथ्वी

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(The above story first appeared on LatestLY on Feb 21, 2022 11:08 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).