अजमेर, 18 फरवरी अजमेर के सूफी संत हजरत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती के वंशज एवं वंशानुगत सज्जादानशीन दीवान सैयद जैनुल आबेदीन अली खान ने कहा है कि समाज के हित में देश में मंहगी शादियों का चलन बंद होना चाहिये ।
खान ने कहा कि समाज में एक दूसरे को नीचा दिखाने के लिए शादियों में फिजूल खर्ची की जाती है ।
दरगाह के आध्यात्मिक प्रमुख तथा दरगाह दीवान सैयद जैनुल आबेदीन अली खान, सूफी संत हजरत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती के 809 वें उर्स के समापन की पूर्व संध्या पर बृहस्पतिवार को देशभर के प्रमुख दरगाहों के सज्जादानशींनो एवं धर्म प्रमुखों की वार्षिक सभा को संबोंधित कर रहे थे ।
उन्होंने कहा कि आज हमारे देश में जरूरत है कि बेटियों का जीवन सुखी रहे और उन की समाज में गरिमा बनी रहे।
खान ने कहा कि हमारी बेटियां भी विवाह (निकाह) के बाद समाज में सर उठा कर चल सकें, उसके लिए हमें महंगी और भव्य शादियों की इस सामाजिक कुरीति को दूर करने की जरूरत है।
उन्होंने समाज के जिम्मेदार लोगों और धर्मगुरूओं से अपील की है कि वो विवाह (निकाह) को आसान और सस्ता एवं सादगी भरा बनाए जाने के लिए पहल करें और लोगो को इसके लिये जागरूक करें ।
कुंज पृथ्वी
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