विदेश की खबरें | इस्तांबुल के मेयर ने एक मामले में अदालती सुनवाई का बहिष्कार किया, राजनीति पर प्रतिबंध की आशंका
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

इमामोग्लू के खिलाफ यह मामला उनकी ही रिपब्लिकन पीपुल्स पार्टी या सीएचपी के अन्य अधिकारियों के अभियोजन पर की गई उनकी टिप्पणियों से संबंधित था।

इस मामले की सुनवाई बृहस्पतिवार को हुई, जिसका इमामोग्लू और उनके वकीलों ने बहिष्कार किया।

इमामोग्लू के खिलाफ जारी कई मुकदमों में से एक मामला अभियोजन पर उनकी टिप्पणियों से जुड़ा है।

मेयर इमामोग्लू को कथित भ्रष्टाचार और आतंकवाद से संबंधों की जांच के तहत मार्च में अन्य प्रमुख राजनेताओं के साथ गिरफ्तार किया गया था।

इमामोग्लू की गिरफ्तारी तुर्किये में एक दशक से भी अधिक समय में सबसे बड़े विरोध प्रदर्शन का कारण बनी।

किसी भी मामले में दोषी पाए जाने पर इमामोग्लू को सार्वजनिक पद पर आसीन होने या चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित किया जा सकता है।

इमामोग्लू को राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन के 22 वर्ष के शासन को चुनौती देने वाला मुख्य राजनेता माना जाता है और उन्हें कारावास के बाद आधिकारिक तौर पर उनकी पार्टी ने राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के रूप में नामित किया गया था।

तुर्किये में अगला चुनाव 2028 में होना है, लेकिन यह पहले भी हो सकता है।

सीएचपी ने एक बयान में बताया कि ‘अवैध प्रक्रियाओ’ के माध्यम से स्थान में बदलाव के कारण इमामोग्लू और उनकी कानूनी टीम बृहस्पतिवार की सुनवाई में भाग नहीं लेगी।

इमामोग्लू ने जेल से एक पोस्ट में सुनवाई को ‘अनियमित’ बताया और कहा, “यह मुकदमे के सिद्धांतों का अनुपालन नहीं करती। मैं ऐसी प्रक्रिया का हिस्सा बनने से इनकार करता हूं और इसलिए मैं इस सुनवाई में शामिल नहीं होऊंगा।”

सीएचपी के इस्तांबुल प्रांतीय अध्यक्ष ओजगुर सेलिक ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर बताया कि मामले की सुनवाई 24 घंटे पहले ही मध्य इस्तांबुल में कैग्लायन अदालत परिसर से सिलिवरी जेल में स्थानांतरित कर दी गई थी।

उन्होंने बताया कि इमामोग्लू को इस्तांबुल के पश्चिम में स्थित जेल में रखा गया है।

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