ताजा खबरें | राज्यसभा में उठा स्पाइनल मस्क्यूलर बीमारी से पीड़ित बच्चों का मुद्दा, दवा की कीमत है 16 करोड़ रुपये

नयी दिल्ली, 17 मार्च राज्यसभा में बुधवार को कांग्रेस के एक सदस्य ने कई बच्चों के स्पाइनल मस्क्यूलर बीमारी से पीड़ित होने और इस रोग की दवा की कीमत 16 करोड़ रुपये होने का मुद्दा उठाया तथा जरूरतमंद लोगों तक इसकी दवा को वाजिब कीमत पर पहुंचाने के लिए सरकार से समुचित उपाय करने की मांग की।

शून्यकाल में कांग्रेस के विवेक तन्खा ने यह मुद्दा उठाया और कहा कि स्पाइनल मस्क्यूलर बीमारी में दो साल तक के बच्चे प्रभावित होते हैं और उनके चलने-फिरने में परेशानी होती है।

उन्होंने कहा कि इस बीमारी की एक ही दवा है जो अमेरिका में बनती है और उसकी कीमत 16 करोड़ रुपये है। इसके अलावा सात करोड़ रुपये का कर भी लगता है। इस प्रकार कुल कीमत 23 करोड़ रुपये हो जाती है। उन्होंने कहा कि इस बीमारी से प्रभावित होने वाले अधिकतर बच्चे गरीब परिवारों से होते हैं।

उन्होंने कहा कि अपने देश में हर साल करीब ढाई हजार बच्चे पैदा होते हैं जो ऐसी परेशानी से ग्रस्त होते हैं।

तन्खा ने कहा कि अभी हाल ही में ऐसे एक मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कर को माफ कर दिया और शेष राशि आम लोगों से जुटायी गयी।

उन्होंने दो बच्चों के इस बीमारी से पीड़ित होने का जिक्र करते हुए कहा कि उनके माता पिता को समझ में नहीं आ रहा है कि उन्हें कैसे बचाया जाए।

उन्होंने सुझाव दिया कि सरकारी स्तर पर मोलभाव कर दवा की कीमत कम की जा सकती है। इसके अलावा दवा पर लगने वाले कर को हटाया जा सकता है। उन्होंने मांग की कि केंद्र और राज्य को ऐसे बच्चों की मदद के लिए एक कोष गठित करनी चाहिए।

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