मेडिकल सीट में बढ़ोतरी से छात्रों का विदेशों की तरफ रुख कम होगा: विशेषज्ञ
केंद्रीय बजट में सरकार की अगले साल मेडिकल कॉलेज में 10,000 अतिरिक्त सीट बढ़ाने की घोषणा का शिक्षा क्षेत्र के जानकारों और हितधारकों ने स्वागत करते हुए कहा है कि इस कदम से विदेश जाने वाले मेडिकल छात्रों की संख्या में कमी आएगी.
नयी दिल्ली, 2 फरवरी : केंद्रीय बजट में सरकार की अगले साल मेडिकल कॉलेज में 10,000 अतिरिक्त सीट बढ़ाने की घोषणा का शिक्षा क्षेत्र के जानकारों और हितधारकों ने स्वागत करते हुए कहा है कि इस कदम से विदेश जाने वाले मेडिकल छात्रों की संख्या में कमी आएगी. बजट में शिक्षा क्षेत्र के लिए की गई बड़ी घोषणाओं में पांच नये भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) में 6,500 अतिरिक्त छात्रों की शिक्षा की सुविधा के लिए बुनियादी ढांचे का विस्तार, मेडिकल की 10,000 नयी सीट और शिक्षा के लिए एआई उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने के लिए 500 करोड़ रुपये का आवंटन शामिल है. वित्त मंत्री सीतारमण ने घोषणा की कि अगले पांच वर्ष में 75,000 सीट जोड़ने के लक्ष्य की ओर बढ़ते हुए अगले साल मेडिकल कॉलेज एवं अस्पतालों में 10,000 अतिरिक्त सीट जोड़ी जाएंगी.
‘इंडिया एडटेक कंसोर्टियम’ (आईईसी) ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र की आवश्यकताओं को पूरा करने और दूसरे देशों में जाने वाले छात्रों की संख्या को कम करने के लिए मेडिकल कॉलेज में सीट बढ़ाना तत्काल जरूरी है. फिजिक्सवाला (पीडब्ल्यू) के सह-संस्थापक एवं आईईसी के अध्यक्ष प्रतीक माहेश्वरी ने कहा, ‘‘राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) 23 लाख से अधिक छात्र देते हैं लेकिन केवल 1.1 लाख सीट उपलब्ध हैं. ऐसे में पांच साल में 75,000 मेडिकल सीट बढ़ाने का कदम विद्यार्थियों का अन्य देशों की तरफ रुख कम करेगा.’’ शुक्रवार को संसद में पेश किए गए 2024-25 के आर्थिक सर्वेक्षण में कहा गया है कि मेडिकल शिक्षा के लिए अवसरों की उपलब्धता भौगोलिक रूप से विषम प्रतीत होती है, जो इस तथ्य से स्पष्ट है कि स्नातक स्तर की 51 प्रतिशत सीट और स्नातकोत्तर स्तर की 49 प्रतिशत सीट दक्षिणी राज्यों में हैं. इसके अलावा, चिकित्सकों की उपलब्धता शहरी क्षेत्रों में अधिक है. यह भी पढ़ें : मालेगांव में जन्म प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत करने पर दो लोग गिरफ्तार
शैक्षणिक संस्थानों सहित विभिन्न संगठनों के लिए काम करने वाली कंपनी ‘एम्रॉप इंडिया’ की ‘मैनेजिंग पार्टनर’ प्रीति कुमार ने कहा कि आईआईटी, मेडिकल कॉलेजों तथा अस्पतालों में क्षमता विस्तार पर ध्यान केंद्रित करते हुए शिक्षा के लिए बजट आवंटन को बढ़ाना भारत के उच्च शिक्षा पारिस्थितिकी तंत्र को बेहतर बनाने की दिशा में किए रणनीतिक प्रयास का संकेत देता है. कुमार ने कहा, ‘‘...लेकिन, भौतिक बुनियादी ढांचे का विस्तार किया जा रहा है, साथ ही नए कार्यक्रमों और संस्थानों की मांग को पूरा करने के लिए उच्च गुणवत्ता वाले संकाय की और भी अधिक आवश्यकता है.’’ ‘असोका’ (एमबीडी ग्रुप) की प्रबंध निदेशक मोनिका मल्होत्रा कंधारी ने कहा कि मेडिकल कॉलेज में अतिरिक्त सीट जुड़ जाने से मेडिकल शिक्षा और श्रमबल क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी.
(The above story first appeared on LatestLY on Feb 02, 2025 03:12 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

