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Nashik: मालेगांव में जन्म प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत करने पर दो लोग गिरफ्तार

महाराष्ट्र के नासिक जिले के मालेगांव में जन्म प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज जमा करने के आरोप में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है. एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी.

Nashik: मालेगांव में जन्म प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत करने पर दो लोग गिरफ्तार
Credit -(Photo : X)

मुंबई, 2 फरवरी : महाराष्ट्र के नासिक जिले के मालेगांव में जन्म प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज जमा करने के आरोप में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है. एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी. अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने अपराध के सिलसिले में तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. गिरफ्तार आरोपियों में से दो को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (मालेगांव) एस जे डोलारे की अदालत में पेश किया गया, जिन्होंने अपराध को ‘‘गंभीर प्रकृति’’ का बताते हुए उन्हें चार फरवरी तक पुलिस हिरासत में भेज दिया.

पुलिस के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता किरीट सोमैया द्वारा तहसीलदार को दी गई शिकायत के आधार पर आरोपी सैय्यद साजिद सैय्यद वहाब, शबाना बानो शेख हनीफ और नजमा बानो अब्दुल शकूर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है. एक अधिकारी ने बताया कि दिसंबर 2024 में तीनों ने जन्म प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए तहसीलदार कार्यालय में फर्जी आधार कार्ड, राशन कार्ड, विद्यालय परित्याग प्रमाण पत्र, मतदाता पहचान पत्र और अन्य दस्तावेज जमा कराए. उन्होंने बताया कि आरोपियों के खिलाफ जालसाजी, धोखाधड़ी और अन्य संबंधित आरोपों के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत मामला दर्ज किया गया है. अधिकारी ने बताया कि सोमैया ने अपनी शिकायत में दावा किया है कि तीनों आरोपी बांग्लादेशी हैं. मामले की जांच की जा रही है. यह भी पढ़ें : Chunchuna Village: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित चुचुना गांव में आजादी के बाद पहली बार घर-घर पंहुचा नल से स्वच्छ पानी, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस; VIDEO

पुलिस ने अदालत में कहा कि गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों से पूछताछ की जानी चाहिए ताकि पता लगाया जा सके कि क्या कथित अपराध में किसी और ने उनकी मदद की थी. हालांकि, बचाव पक्ष ने कहा कि कथित अपराध चार दिसंबर से 13 दिसंबर 2024 के बीच हुआ था, लेकिन प्राथमिकी जनवरी 2025 में दर्ज की गई थी. बचाव पक्ष के वकील ने दलील दी कि चूंकि दोनों आरोपियों द्वारा प्रस्तुत सभी दस्तावेज तहसीलदार के पास हैं, इसलिए उनकी हिरासत की आवश्यकता नहीं है. उन्होंने कहा कि वहाब कॉलेज का छात्र है और उसके सभी दस्तावेज कॉलेज के पास उपलब्ध हैं, जबकि नजमा का नाम शादी के बाद बदल दिया गया था और तहसीलदार ने जांच के बाद उनके जन्म प्रमाण पत्र जारी किए थे.

हालांकि, अदालत ने कहा कि ‘‘रिकॉर्ड के अवलोकन से पता चलता है कि अपराध गंभीर प्रकृति का है.’’ अदालत ने कहा कि यह आरोप लगाया गया है कि राजस्व अधिकारी के समक्ष जाली दस्तावेज पेश करके कई प्रमाण पत्र जारी किए जाते हैं, और इन दस्तावेजों के स्रोत की खोज करना आवश्यक है. भाजपा नेता किरीट सोमैया ने हाल में आरोप लगाया था कि मालेगांव शहर में बड़ी संख्या में बांग्लादेशी और रोहिंग्या मुसलमानों को जन्म प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं. उन्होंने विभागीय राजस्व आयुक्त और पुलिस उपाधीक्षक को एक ज्ञापन सौंपकर दावा किया कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर 3,977 जन्म प्रमाण पत्र जारी किए गए. महाराष्ट्र सरकार ने पिछले महीने मालेगांव तहसील में जन्म प्रमाण पत्र जारी करने में कथित अनियमितताओं के लिए दो राजस्व अधिकारियों को निलंबित कर दिया था.

(The above story first appeared on LatestLY on Feb 02, 2025 04:28 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).