नयी दिल्ली, 21 मार्च दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को कहा कि वह 10 मई को फेसबुक, ट्विटर और गूगल की याचिकाओं पर सुनवाई करेगा। याचिका में एकल-न्यायाधीश के आदेश को चुनौती दी गई है, जिसमें योग गुरु रामदेव के खिलाफ अपमानजनक सामग्री वाले वीडियो के लिंक को वैश्विक रूप से हटाने के लिए कहा गया है।
न्यायमूर्ति राजीव शकधर और न्यायमूर्ति जसमीत सिंह की पीठ ने सुनवाई की अगली तारीख से कम से कम तीन दिन पहले संबंधित पक्षों को लिखित दलीलें दाखिल करने के लिए कहा और मई में सुनवाई के लिए अपीलों को सूचीबद्ध किया।
पीठ ने कहा कि 28 जनवरी, 2020 का अंतरिम आदेश जिसमें अपीलकर्ताओं के खिलाफ कोई अवमानना कार्यवाही नहीं करने का निर्देश दिया गया था, जारी रहेगा।
फेसबुक, ट्विटर और गूगल ने एकल न्यायाधीश के 23 अक्टूबर, 2019 के आदेश को चुनौती दी है, जिसमें उन्हें और गूगल की सहायक कंपनी यूट्यूब को रामदेव के खिलाफ मानहानि के आरोपों वाले वीडियो के वैश्विक आधार पर लिंक को हटाने और अवरुद्ध (ब्लॉक) करने का निर्देश दिया गया है।
एकल न्यायाधीश ने माना था कि केवल ‘जियो-ब्लॉकिंग’ या भारत के दर्शकों के लिए अपमानजनक सामग्री तक पहुंच को अक्षम करना, जैसा कि सोशल मीडिया मंच द्वारा सहमति व्यक्त की गई है, पर्याप्त नहीं होगा क्योंकि यहां रहने वाले उपयोगकर्ता अन्य माध्यमों से उस तक पहुंच प्राप्त कर सकते हैं।
मानहानिकारक वीडियो में रामदेव पर एक किताब के अंश थे जिन्हें सितंबर 2018 में उच्च न्यायालय द्वारा हटाने का आदेश दिया गया था।
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