देश की खबरें | अरुणाचल के राज्यपाल ने गुजरात के माधवपुर मेले में शिरकत की

ईटानगर, 10 अप्रैल अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) के.टी. परनायक ने मंगलवार को गुजरात के माधवपुर घेड में आयोजित वार्षिक सांस्कृतिक और आध्यात्मिक उत्सव माधवपुर मेले में शिरकत की।

यह मेला भगवान श्री कृष्ण और रुक्मणी के दिव्य विवाह की याद में मनाया जाता है, जो गुजरात और पूर्वोत्तर, विशेष रूप से अरुणाचल प्रदेश के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंध का प्रतीक है।

राजभवन की ओर से बृहस्पतिवार को जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के निमंत्रण पर पांच दिवसीय आधिकारिक दौरे पर रहे परनायक ने इस आयोजन की प्रशंसा करते हुए इसे ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ कार्यक्रम के तहत एक अनूठी पहल बताया।

उन्होंने कहा कि यह मेला न केवल भारत की समृद्ध आध्यात्मिक विरासत का जश्न मनाता है, बल्कि गुजरात और पूर्वोत्तर राज्यों की विविध परंपराओं को प्रदर्शित करके राष्ट्रीय एकता को भी मजबूत करता है।

परनायक ने कहा कि इस तरह के आयोजन स्वदेशी कला, लोककथा और शिल्प के लिए एक राष्ट्रीय मंच प्रदान करने के साथ ही स्थानीय अर्थव्यवस्था में योगदान देते हैं और भारत की जीवंत सांस्कृतिक विरासत को सुदृढ़ करते हैं।

राज्यपाल ने क्षेत्रीय कला के रूपों, लोककथाओं और शिल्प कौशल को बढ़ावा देने तथा मजबूत अंतर-राज्यीय सांस्कृतिक संबंधों को प्रोत्साहित करने के लिए गुजरात सरकार के प्रयासों की भी सराहना की।

समानताएं दर्शाते हुए उन्होंने पूर्वोत्तर राज्य के निचले सियांग जिले के लिकाबाली स्थित पुरातात्विक स्थल मालिनीथान में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले मालिनीथान मेले पर प्रकाश डाला, जो रुक्मणी की कथा पर आधारित एक अन्य उत्सव है।

सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए परनायक ने गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत और केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को मालिनीथान विकास परिषद द्वारा प्रकाशित ‘मालिनीथान - अरुणाचल प्रदेश की एक गौरवशाली विरासत’ नाम की पुस्तक भेंट की।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)