Bihar Voter List: बिहार में मतदाता सूची को लेकर विपक्षी दलों के आरोपों के बीच निर्वाचन आयोग ने तथ्यों की पड़ताल की
बिहार में मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण को लेकर विपक्षी दलों द्वारा निर्वाचन आयोग पर हमला तेज किए जाने के बीच आयोग ने बुधवार को राज्य के कुछ नेताओं के आरोपों के तथ्यों की पड़ताल की और इस कवायद के बारे में उनके दावों को "निराधार" बताकर खारिज कर दिया.
नयी दिल्ली, 10 जुलाई : बिहार में मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण को लेकर विपक्षी दलों द्वारा निर्वाचन आयोग पर हमला तेज किए जाने के बीच आयोग ने बुधवार को राज्य के कुछ नेताओं के आरोपों के तथ्यों की पड़ताल की और इस कवायद के बारे में उनके दावों को "निराधार" बताकर खारिज कर दिया. राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सांसद मनोज कुमार झा ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि निर्वाचन आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण पर मुलाकात के लिए समय नहीं दिया, जिस पर प्रतिक्रिया देते हुए आयोग ने कहा कि वह समय मांगने के लिए अपनी पार्टी के अधिकृत प्रतिनिधि नहीं हैं.
निर्वाचन आयोग ने कहा कि पार्टी अध्यक्षों से हाल ही में विभिन्न मुद्दों पर निर्वाचन आयोग से बातचीत के लिए नेताओं के नाम साझा करने को कहा गया था, लेकिन राजद ने अपने अधिकृत प्रतिनिधि के तौर पर झा का नाम साझा नहीं किया. पिछले दो दिन से निर्वाचन आयोग हैशटैग 'ईसीआईफैक्टचेक' का इस्तेमाल कर रहा है, ताकि पुनरीक्षण प्रक्रिया के बारे में किसी भी गलत सूचना का जवाब दिया जा सके. यह भी पढ़ें : बड़ी जासूसी का खुलासा: अमेरिका का ‘मोस्ट वांटेड’ चीनी हैकर इटली में गिरफ्तार, कोरोना वैक्सीन का डेटा चुराने का आरोप
आयोग ने राजद नेता तेजस्वी यादव के इस दावे को भी खारिज कर दिया कि गहन पुनरीक्षण से बिहार के करोड़ों मतदाता मताधिकार से वंचित हो जाएंगे. आयोग ने कहा कि उसके द्वारा मतदाताओं को वितरित किए गए लगभग चार करोड़ आवेदन प्रपत्र वापस प्राप्त हो गए हैं. भारतीय जनता पार्टी के आईटी विभाग के प्रमुख अमित मालवीय ने आयोग की तथ्यान्वेषी प्रक्रिया का समर्थन किया.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 10, 2025 01:08 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

