West Bengal Assembly Elections 2026: अंतिम चरण के लिए मंच तैयार, 3.2 करोड़ मतदाता करेंगे 1,448 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला
पश्चिम बंगाल विधानसभआ चुनाव 2026 (Photo Credits: File Image)

West Bengal Assembly Elections 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 (West Bengal Assembly Elections) के अंतिम और निर्णायक चरण के लिए चुनावी बिगुल बज चुका है. बुधवार, 29 अप्रैल को राज्य की 142 विधानसभा सीटों (Assembly Constituencies) पर मतदान (Voting) होगा. इस चरण में राजधानी कोलकाता (Kolkata) सहित छह अन्य जिलों के मतदाता 1,448 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे. शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए चुनाव आयोग (Election Commission of India) ने सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं. मतदान दलों को ईवीएम (EVM) और वीवीपैट (VVPAT) मशीनों के साथ उनके गंतव्य केंद्रों के लिए रवाना कर दिया गया है. यह भी पढ़ें: West Bengal Elections 2026 ‘ममता की बातों को गंभीरता से क्यों लेना’: अमित शाह ने 'पेड समर्थकों' के आरोपों को किया खारिज, बंगाल में जीत का दावा

मतदाताओं का गणित और जनसांख्यिकी

भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के आंकड़ों के अनुसार, इस चरण में कुल 3,21,73,837 पंजीकृत मतदाता हैं. इनमें पुरुष मतदाताओं की संख्या 1,64,35,627 और महिला मतदाताओं की संख्या 1,57,37,418 है, जबकि 792 मतदाता थर्ड जेंडर श्रेणी के हैं.

दिलचस्प बात यह है कि इस बार 100 वर्ष से अधिक आयु के 3,243 मतदाता और 85 वर्ष से अधिक आयु के 1.96 लाख से अधिक मतदाता अपने लोकतांत्रिक अधिकार का उपयोग करेंगे.  इसके अलावा, 146 अनिवासी भारतीय (NRI) और करीब 40 हजार सर्विस वोटर्स भी इस प्रक्रिया का हिस्सा बनेंगे.

उम्मीदवारों की स्थिति और आरक्षित सीटें

मैदान में उतरे कुल 1,448 उम्मीदवारों में 1,228 पुरुष और 220 महिलाएं शामिल हैं. इस चरण में थर्ड जेंडर से कोई भी उम्मीदवार चुनावी मैदान में नहीं है. निर्वाचन क्षेत्रों के वर्गीकरण की बात करें तो 142 सीटों में से 107 सामान्य श्रेणी की हैं, जबकि 34 सीटें अनुसूचित जाति (SC) और एक सीट अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षित है.

दक्षिण 24 परगना जिले के भांगर में सबसे अधिक 15 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं, वहीं हुगली जिले में सबसे कम पांच उम्मीदवार मैदान में हैं.

प्रमुख जिले और निर्वाचन क्षेत्र की विशेषताएं

मतदान सात प्रमुख क्षेत्रों में फैला हुआ है: कोलकाता, नादिया, पूर्वी बर्धमान, हुगली, दक्षिण 24 परगना, उत्तर 24 परगना और हावड़ा. क्षेत्रफल के लिहाज से कोलकाता का 'जोरासांको' सबसे छोटा (3.48 वर्ग किमी) निर्वाचन क्षेत्र है, जबकि नादिया का 'कल्याणी' सबसे बड़ा (135 वर्ग किमी) क्षेत्र है. मतदाताओं की संख्या के मामले में हुगली का चूचूड़ा (2.75 लाख) सबसे बड़ा और उत्तर 24 परगना का भाटपारा (1.17 लाख) सबसे छोटा निर्वाचन क्षेत्र है. यह भी पढ़ें: West Bengal Election 2026: बंगाल में दूसरे चरण के चुनाव से पहले हुगली में TMC पर बरसे PM मोदी, बोले- 'अत्याचार की हद हो गई, अब जनता करेगी अन्याय का विसर्जन'; VIDEO

सुरक्षा के कड़े इंतजाम और वेबकास्टिंग

स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए सुरक्षा बलों की 2,407 कंपनियां तैनात की गई हैं. इसमें केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF), इंडिया रिजर्व बटालियन और अन्य राज्यों के पुलिस बल शामिल हैं. कुल 41,001 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सभी केंद्रों पर वेबकास्टिंग की जाएगी.

इस चरण के संपन्न होने के साथ ही सभी की निगाहें 4 मई पर टिक जाएंगी, जब चुनाव के नतीजे घोषित किए जाएंगे.