नयी दिल्ली, 24 जुलाई सरकार ने बृहस्पतिवार को संसद में कहा कि उसके द्वारा किये गए विभिन्न सुधारों से लोक शिकायतों के निवारण की समय-सीमा घटकर 16 दिन रह गई है, जो 2019 में 28 दिन थी।
कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में राज्यसभा को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि सरकार ने समय से शिकायत निवारण के लिए अप्रैल 2022 में, केंद्रीकृत लोक शिकायत निवारण और निगरानी प्रणाली (सीपीग्राम्स) के लिए 10-चरणीय सुधारों की शुरुआत की।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2022, 2023, 2024 और 2025 की अवधि में, सीपीग्राम्स के 10 चरणीय सुधारों से, 80,36,042 शिकायतों का निवारण संभव हुआ वहीं शिकायत निवारण की समय-सीमा 2019 के 28 दिनों से घटकर 2025 में 16 दिन रह गई।
सिंह ने बताया कि 30 जून 2025 की स्थिति के अनुसार, केंद्रीय मंत्रालयों के मामले में, लंबित लोक शिकायतों की संख्या घटकर 62,620 रह गई।
उन्होंने बताया कि सरकार ने 23 अगस्त 2024 को लोक शिकायतों के प्रभावी निवारण के लिए व्यापक दिशानिर्देश जारी किए, जिसमें शिकायत निवारण की समय-सीमा को 30 दिन से घटाकर 21 दिन कर दिया गया है।
इन दिशानिदेशों में, लोक शिकायत मंचों के एकीकरण, मंत्रालयों और विभागों में समर्पित शिकायत प्रकोष्ठों की स्थापना, अनुभवी और सक्षम नोडल और अपीलीय अधिकारियों की नियुक्ति, मूल कारण विश्लेषण पर बल दिए जाने, नागरिकों की प्रतिक्रिया पर कार्रवाई तथा शिकायत निवारण तंत्र को सुदृढ़ बनाने पर जोर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि 30 जून 2025 तक, फीडबैक कॉल सेंटर ने 23 लाख सर्वेक्षण पूरे कर लिए हैं। यदि कोई नागरिक अपील की सुनवाई से असंतुष्ट है, तो वह 90 नोडल अपीलीय प्राधिकरणों और 1597 उप-अपीलीय प्राधिकरणों में अपील कर सकता है।
सिंह के अनुसार, वर्ष 2022, 2023, 2024 और 2025 (30 जून तक) में कुल 7,75,240 अपीलों का समाधान किया गया है।
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