देश की खबरें | अदालत ने कोविड से लोगों को राहत दिलाने को किया हस्तक्षेप, आर्यन खान व अनिल देशमुख भी चर्चा में रहे

(सुनंदा परमेश्वर)

मुंबई, 21 दिसंबर इस साल के शुरू में कोविड-19 की विनाशकारी दूसरी लहर से महाराष्ट्र भी अछूता नहीं रहा था। बंबई उच्च न्यायालय ने विकट समय में लोगों को राहत देने के लिए कई फैसले दिए, जो ऑक्सीजन की आपूर्ति, चिकित्सा सहायता, अस्पताल में बिस्तर और टीकाकरण से संबंधित थे।

इसके अलावा, इस साल राज्य में अदालत से जुड़े कई अन्य मामले प्रमुख रहे, जिनमें बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान, सियासतदां अनिल देशमुख, पुलिस अफसर परमबीर सिंह और सचिन वाजे के मामले शामिल हैं।

महामारी की दूसरी लहर के मददेनजर नागरिकों ने उच्च न्यायालय में कई जनहित याचिकाएं दायर कीं। इस दौरान नागरिकों के समक्ष उत्पन्न स्वास्थ्य संबंधी संकट से निपटने के लिए उच्च न्यायालय ने दखल भी दिया है।

राज्य में उच्च न्यायालय की सभी पीठें--मुंबई, नागपुर और औरंगाबाद--ने ऑक्सीजन की आपूर्ति, कोविड रोधी टीका, समय पर चिकित्सकीय सहायता, अस्पताल में बिस्तर और सार्वजनिक स्थानों और जेलों में भीड़-भाड़ कम करने के लिए कई निर्देश दिए।

बंबई उच्च न्यायालय ने अपने आदेशों के जरिए न्यायिक राहत प्रदान की और नागरिकों के लिए टीकाकरण प्रक्रिया को व्यवस्थित किया, टीकाकरण में बुजुर्गों और संवेदनशील तबकों को प्राथमिकता दिलाई।

उच्च न्यायालय ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) को बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए घर घर जाकर टीकाकरण शुरू करने का निर्देश दिया। हालांकि केंद्र सरकार राज्य के अधिकारियों को इसकी इजाजत देने के लिए राज़ी नहीं थी।

दिसंबर में, मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता ने कहा कि महाराष्ट्र कोविड -19 संकट से सफलतापूर्वक निपटने में अग्रणी था।

उन्होंने कोरोना वायरस की दूसरी लहर का हवाला देते हुए कहा, “हमें बुरे दिनों को नहीं भूलना चाहिए। हमें सतर्कता कम नहीं करनी चाहिए। हमें उम्मीद है कि नया साल एक नई शुरुआत लेकर आएगा और हम अप्रैल 2021 की पुनरावृत्ति कभी नहीं देखेंगे।”

कोरोना वायरस से संबंधित मामलों के अलावा, महाराष्ट्र की अदालतों में कई हाई-प्रोफाइल मामले भी देखे गए, जिनमें अभिनेता शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान को मादक पदार्थ से संबंधित मामले में गिरफ्तार करना, पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख की गिरफ्तारी, निलंबित आईपीएस अधिकारी परमबीर सिंह से संबंधित आपराधिक मामले, अदालत द्वारा उन्हें भगौड़ा घोषित करना, उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर के पास एक कार में विस्फोटक मिलने के मामले में बर्खास्त पुलिस अधिकारी वाजे की गिरफ्तारी शामिल है।

अभिनेता शिल्पा शेट्टी के पति और कारोबारी राज कुंद्रा की अश्लील फिल्मों के कथित निर्माण और ऐप के माध्यम से वितरण से संबंधित एक मामले में गिरफ्तारी भी सुर्खियों में रही। राज कुंद्रा को इस मामले में दो महीने तक जेल में रहना पड़ा।

उच्च न्यायालय की न्यायाधीश न्यायमूर्ति पुष्पा गनेडीवाला की उनके कई फैसलों को लेकर आलोचना की गई। बंबई उच्च न्यायालय की नागपुर पीठ की न्यायमूर्ति गनेडीवाला ने 19 जनवरी को पारित एक आदेश में कहा कि यौन हमले का कृत्य माने जाने के लिए ‘‘यौन मंशा से त्वचा से त्वचा का संपर्क होना’’ जरूरी है।

उन्होंने अपने फैसले में कहा कि महज छूना भर यौन हमले की परि में नहीं आता है।

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