देश की खबरें | सौंदर्य की प्रचलित मान्यताओं को तोड़ दूसरो को प्रेरित कर रही देश की पहली ‘ल्यूकोडर्मा मॉडल’
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

तिरुवनंतपुरम, 13 नवंबर केरल की मंजू कुट्टीकृष्णन चेहरे व शरीर पर सफेद दाग की वजह से समाज में सौंदर्य के प्रचलित मानकों को कभी पूरा नहीं कर पाई, लेकिन आज वह उन तमाम लोगों के लिए प्रेरणा स्रोत है जो अपनी शारीरिक बनावट की वजह हीन भावना का शिकार थे।

मंजू देश की पहली ‘ल्यूकोडर्मा मॉडल’ हैं और त्वचा के अलग रंग के बावजूद मॉडलिंग कर रही हैं।

यह भी पढ़े | Ayodhya Deepotsav Live Streaming on Doordarshan: सीएम योगी के हाथों अयोध्या में दीपोत्सव कार्यक्रम का होगा शुभारंभ, जलाए जाएंगे 5.51 लाख दीये, दूरदर्शन पर देखें लाइव.

ल्यूकोडर्मा या विटिलिगो चर्मरोग का एक प्रकार है जिसमें त्वचा अपना प्राकृतिक रंग खो देती है और शरीर पर सफेद दाग उभर आते हैं।

नामचीन मेकअप कलाकार जसीना कदाविल ने अपने यूट्यूब चैनल ‘कैटेलिस्ट स्कॉलर’ पर मंजू को पेश करते हुए एक वीडियो डाला है जिसका उद्देश्य इस प्रकार की त्वचा वाले लोगों के मन से हीन भावना को निकालना है।

यह भी पढ़े | Uttar Pradesh: यूपी में एक और पत्रकार का शव मिला, महिला इंस्पेक्टर पर केस दर्ज.

मंजू का यह वीडियो आते ही वायरल हो गया है।

ल्यूकोडर्मा के कारण त्वचा का रंग खो चुकी एक परेशान युवती से आज वह एक ऐसी शख्सियत बन गई हैं जिनसे लोग प्रेरणा लेते हैं और उनके भीतर सकारात्मक सोच विकसित होती है।

मंजू ने पीटीआई- से कहा, “हम समाज की प्रचलित मान्यताओं को एक दिन में नहीं बदल सकते, विशेषकर सौंदर्य के संदर्भ में। लेकिन बदलाव हमेशा छोटे कदम से होता है। मेरा प्रयास है कि ऐसे ही छोटे कदम उठा कर मान्यताओं को बदल सकूं।”

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)