नयी दिल्ली, पांच अगस्त द एनर्जी एंड रिसोर्सेज इंस्टीट्यूट (टेरी) ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के साथ मिलकर खिड़कियों के लिये एक नया बाह्य आवरण समाधान विकसित किया है जिससे घर के अंदर आराम के लिये वातानुकूलन और रोशनी के लिये बिजली की खपत कम होगी। एक बयान में बुधवार को यह जानकारी दी गई।
बयान में कहा गया कि शेड स्मार्ट नाम की इस प्रौद्योगिकी से घरों के अंदर ज्यादा रोशनी आएगी लेकिन तापमान कम रहेगा। इससे घर के अंदर रहने वालों को आराम तो मिलेगा ही उनकी उत्पादकता और सेहत भी सुधरेगी।
बाह्य छायांकन उपकरण आधुनिक इमारतों में आम नहीं हैं जिनमें अधिकतर ‘ग्लेज्ड’ या ‘कर्टेन वाल’ वाली इमारतें हैं। वे सामान्यत: स्थायी ढांचे हैं, जिनके साथ रखरखाव, दृश्य बाधित होने, ग्राहक की अकांक्षाओं को पूरा नहीं करने की चुनौतियां जुड़ी होती हैं।
बयान में कहा गया, “इसके विपरीत, यह प्रौद्योगिकी सूरज की स्थिति के मुताबिक अपना विन्यास बदलती है। उदाहरण के लिये जब सूरज जब पूरब दिशा में होता है तब पूरब की तरफ खुलने वाली खिड़की पर आवरण आ जाएगा और जब सूरज दोपहर में दक्षिण की तरफ होगा तब पूरब की खिड़कियों से आवरण हट जाएगा और निर्बाध दृश्य देखे जा सकेंगे तथा सूरज की चमक से भी मुक्ति मिलेगी।”
घरेलू और वाणिज्यिक इमारतों के लिये डिजाइन के पैमाने में भी बदलाव होता है क्योंकि दोनों में रहने और गतिविधि के प्रारूप अलग होते हैं।
बयान में कहा गया कि प्रत्येक डिजाइन के प्रदर्शन को सॉफ्टवेयर के माध्यम से परखे जाने के साथ ही वास्तविक समय में भी वैसी ही परिस्थितियां बनाकर जांचा जाता है।
इसमें कहा गया कि शेड स्मार्ट के वाणिज्यिकरण के लिये प्रयास किये जा रहे हैं।
एक अन्य प्रौद्योगिकी रेडियेंट कूलिंग हैं यह भी इमारत के अंदर तापमान को नियंत्रित करने में मददगार है।
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