हैदाराबाद, 17 सितंबर तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने अपनी सरकार की विकासात्मक पहलों और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं को रेखांकित करते हुए रविवार को कहा कि राज्य देश में विकास का ‘रोल मॉडल’ है।
राव ने ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ के अवसर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद यह बात कही। 1948 में आज ही के दिन हैदराबाद की तत्कालीन रियासत का भारतीय संघ में विलय हुआ था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि तेलंगाना सरकार ने तय किया कि हैदराबाद की तत्कालीन रियासत के भारतीय संघ में विलय के अवसर को ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ के तौर पर मनाना उचित होगा।
इस अवसर पर राव ने स्वामी रामानंद तीर्थ, कुमराम भीम, शोएबुल्ला खान, डोड्डी कोमुरैया और जमालापुरम केशव राव सहित स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के सद्भाव के मूल्यों, देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के दृष्टिकोण, प्रथम गृह मंत्री सरदार पटेल की कुशाग्रता और निपुणता तथा कई अन्य नेताओं के प्रयासों से देश एकजुट हुआ।
भारत का हिस्सा बनने के बाद, तेलंगाना 1948 से 1956 तक हैदराबाद राज्य के रूप में बना रहा।
राव ने कहा, हालांकि, आंध्र प्रदेश बनाने के लिए लोगों की इच्छा के विरुद्ध 1956 में तेलंगाना को आंध्र क्षेत्र में मिला दिया गया।
उन्होंने कहा कि तेलंगाना सरकार पिछड़ेपन, गरीबी और अन्य बुराइयों को दूर करने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही है।
राव ने राज्य की तीव्र प्रगति और सरकार के कल्याणकारी कदमों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने दावा किया कि तेलंगाना में ऐसा कोई परिवार नहीं है, जो उनकी सरकार की योजनाओं से लाभान्वित नहीं हुआ हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि तेलंगाना देश में विकास का ‘रोल मॉडल’ है और इसका प्रमाण यह है कि अन्य राज्य उनकी सरकार की योजनाओं का अनुकरण कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि तेलंगाना में गरीबी दर 2015-18 के दौरान 13.18 फीसदी से घटकर 2019-21 में 5.88 फीसदी रह गई है।
उन्होंने बताया कि राज्य प्रति व्यक्ति आय में देश में पहले स्थान पर है।
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