देश की खबरें | कोविड-19 की ड्यूटी कर रहे शिक्षक कोरोना योद्धा की तरह : अदालत

नयी दिल्ली, 26 जून दिल्ली उच्च न्यायालय ने लॉकडाउन लागू होने के बाद से शिक्षकों को वेतन नहीं दिए जाने को लेकर शुक्रवार को प्राधिकारों के खिलाफ नाराजगी जाहिर की ।

अदालत ने कहा कि शिक्षकों को कोविड-19 की ड्यूटी में लगाया गया और उनकी तुलना कोरोना वायरस योद्धा से की जा सकती है लेकिन उन्हें मार्च से वेतन से वंचित रखा गया है।

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न्यायमूर्ति हिमा कोहली और न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद की पीठ ने कहा, ‘‘यह बहुत अफसोस की बात है ।’’ अदालत ने इसका भी संज्ञान लिया कि उत्तरी दिल्ली नगर निगम ने डॉक्टरों और सफाई कर्मचारियों को भी बकाया वेतन नहीं दिया है।

वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए सुनवाई करते हुए पीठ ने उत्तरी दिल्ली नगर निगम के शिक्षकों की ओर से दाखिल एक याचिका का निपटारा कर दिया । इसमें मार्च से बकाया वेतन के भुगतान के लिए प्राधिकारों को निर्देश देने का अनुरोध किया गया था।

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उच्च न्यायालय ने याचिका को ‘‘स्वत: संज्ञान में ली गयी याचिका’’ में बदल दिया । स्वत: संज्ञान लिए गए मामलों में अदालत अपने अधिकारों का इस्तेमाल करती है और किसी मामले पर खुद ही सुनवाई शुरू करती है।

पीठ ने कहा, ‘‘यह बहुत अफसोस की बात है । शिक्षक बेहद सम्मानित पेशे से जुड़े होते हैं और उनसे कोविड-19 से जुड़ा काम भी करवाया जा रहा है । उनकी तुलना कोरोना योद्धा से की जा सकती है। इसके बावजूद उन्हें मार्च 2020 से वेतन से वंचित रखा गया है । ’’

पीठ ने 18 जून को निगम को एक हफ्ते के भीतर बकाया वेतन भुगतान करने को कहा था ।

उच्च न्यायालय ने कहा कि जब न्यायिक आदेश पारित किया गया तब जाकर दिल्ली सरकार ने मार्च का वेतन जारी किया और सुबह में ही उत्तरी दिल्ली नगर निगम के शिक्षकों को भुगतान हो गया ।

पीठ ने कहा, ‘‘यह याचिका स्वत: संज्ञान में ली गयी याचिका में बदलने के लिए उपयुक्त है... उत्तरी दिल्ली नगर निगम द्वारा दी गयी दलील के संबंध में दिल्ली सरकार को एक हफ्ते के भीतर हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया जाता है ।’’

मामले में 29 जून को सुनवाई होगी ।

निगम की ओर से पेश वरिष्ठ वकील एस एस फूल्का और वकील मिनी पुष्करणा ने कहा कि उत्तरी दिल्ली नगर निगम के अंतर्गत 700 स्कूल हैं ।

वकील ने कहा कुल 5406 शिक्षकों को निगम के 299 स्कूलों में कोविड-19 की ड्यूटी में लगाया गया है । इन स्कूलों के जरिए दिल्ली सरकार जरूरतंमद लोगों को खाना और राशन मुहैया कराने का काम करती है। वकील ने कहा कि ड्यूटी में 5406 शिक्षकों को लगाने के बावजूद उनको बकाया वेतन नहीं मिला है।

अखिल दिल्ली प्राथमिक शिक्षक संघ की याचिका पर पीठ सुनवाई कर रही थी ।

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