नयी दिल्ली, 15 नवंबर सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग से जुड़े कर्मचारियों के संगठन एनआईटीईएस ने टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) की कथित रूप से ‘गलत तबादला गतिविधियों’ के खिलाफ श्रम एवं रोजगार मंत्रालय से संपर्क किया है।
इस बारे में टीसीएस से फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल पायी है।
एनआईटीईएस (नैसेंट इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एम्प्लॉइज सीनेट) ने एक बयान में कहा है कि उसे 180 से अधिक शिकायतें मिली हैं कि टीसीएस कथित तौर पर 2,000 से अधिक कर्मचारियों को उचित सूचना या परामर्श के बिना विभिन्न शहरों में स्थानांतरित करने के लिये मजबूर कर रही है। इससे कर्मचारियों और उनके परिवारों को भारी कठिनाई हो रही है।
एनआईटीईएस ने दवा किया है कि कंपनी ने कर्मचारियों को आगाह किया है। उसने कहा है कि स्थानांतरण निर्देशों का पालन नहीं करने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष हरप्रीत सिंह सलूजा ने कहा, ‘‘हम टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज की गलत तरीके से तबादले की गतिविधियों को लेकर काफी चिंतित हैं... हमने श्रम और रोजगार मंत्रालय से टीसीएस के कार्यों की जांच करने और आईटी कर्मचारियों को ऐसी अनैतिक गतिविधियों से बचाने के लिये उचित उपाय करने का आग्रह किया है।’’
एनआईटीईएस ने दावा किया कि टीसीएस ‘‘अपने कर्मचारियों को अनावश्यक कठिनाइयों में डाल रही है और उनके अधिकारों का उल्लंघन कर रही है।’’
संगठन ने श्रम और रोजगार मंत्रालय से कंपनी की स्थानांतरण गतिविधियों की जांच करने का आग्रह किया ताकि यह निर्धारित किया जा सके कि क्या वे श्रम कानून का उल्लंघन कर रहे हैं। और यदि ऐसा है तो कंपनी के खिलाफ ‘उचित कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।
एनआईटीईएस ने कहा कि वह आईटी कर्मचारियों के अधिकारों के लिये लड़ना जारी रखेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि उन्हें जबरन स्थानांतरण जैसी अनैतिक गतिविधियों का शिकार न होना पड़े।
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