युद्धविराम के बीच रूसी राष्ट्रपति पुतिन बोले, “जीत हमेशा हमारी रही है और रहेगी"
रूस की सालाना विक्ट्री परेड बेहद कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच हुई.
रूस की सालाना विक्ट्री परेड बेहद कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच हुई. यूक्रेन के साथ तीन दिनों के सीजफायर के दरम्यान इस परेड में कई देशों के नेताओं ने भी शिरकत की.रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने दूसरे विश्व युद्ध में नाजी जर्मनी की हार की याद में हर साल होने वाली सैन्य परेड के दौरान यूक्रेन में जीत का भरोसा जताया है. परेड में अपने भाषण में पुतिन ने नाटो पर भी निशाना साधा. उन्होंने रूसी सैनिकों की सराहना करते हुए कहा कि वे एक आक्रामक ताकत का सामना कर रहे हैं जिसे पूरे नाटो ब्लॉक से हथियार और समर्थन हासिल है. पुतिन ने यह भी कहा, "जीत हमेशा हमारी रही है और रहेगी. सफलता की कुंजी हमारी नैतिक शक्ति, साहस और वीरता, हमारी एकता और किसी भी चुनौती को सहने और उससे उबरने की क्षमता है."
मॉस्को के रेड स्क्वॉयर पर हर साल होने वाली इस परेड में लगभग दो दशकों में पहली बार भारी हथियारों को शामिल नहीं किया गया. लड़ाकू विमानों के फ्लाईओवर के अलावा, टैंकों, मिसाइलों और दूसरे भारी उपकरणों के बिना ही इस साल यह परेड आयोजित की गई. रूसी अधिकारियों ने परेड में अचानक किए गए इस बदलाव का कारण मौजूदा स्थिति और यूक्रेन के संभावित हमलों को बताया.
2008 के बाद से हर साल रेड स्क्वायर पर विजय दिवस परेड में बख्तरबंद वाहनों से लेकर परमाणु बैलिस्टिक मिसाइलों जैसी भारी हथियारों की एक लंबी श्रृंखला शामिल होती थी. देशभर में इस दिन दूसरी जगहों पर छोटी परेड आयोजित की जाती हैं, लेकिन इस बार सुरक्षा कारणों से उनमें से कई को भी कम कर दिया गया है या पूरी तरह से रद्द कर दिया गया. अधिकारियों ने सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की जरूरत का हवाला देते हुए मॉस्को में सभी मोबाइल इंटरनेट एक्सेस और टेक्स्ट मैसेजिंग सेवाओं पर प्रतिबंध लगाने का भी आदेश दिया.
तीन दिनों के सीजफायर के बीच हुई परेड
रूस ने शुक्रवार और शनिवार के लिए एकतरफा युद्धविराम की घोषणा की थी, जबकि यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने 6 मई से शुरू होने वाले युद्धविराम की घोषणा की थी, लेकिन हमलों के लिए एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहराने के कारण दोनों में से कोई भी प्रभावी नहीं रहा. इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प ने 8 मई को घोषणा की थी कि रूस और यूक्रेन शनिवार से सोमवार तक युद्धविराम और कैदियों की अदला-बदली के उनके अनुरोध पर सहमत हो गए हैं. उन्होंने यह भी कहा कि लड़ाई में यह ठहराव युद्ध के अंत की शुरुआत हो सकता है.
हालांकि, परेड से पहले रूसी अधिकारियों ने चेतावनी दी थी कि अगर यूक्रेन परेड बाधित करने की कोशिश करता है, तो रूस कीव के केंद्र पर बड़े पैमाने पर मिसाइल हमला करेगा. रूसी रक्षा मंत्रालय ने वहां के नागरिकों और विदेशी राजनयिक मिशनों के कर्मचारियों को तुरंत शहर छोड़ने की चेतावनी भी जारी की थी. लेकिन, यूरोपीय संघ ने कहा था कि रूसी खतरों के बावजूद उसके राजनयिक यूक्रेनी राजधानी नहीं छोड़ेंगे.
वहीं जेलेंस्की ने इस सप्ताह की शुरुआत में कहा था कि रूसी अधिकारियों को डर है कि 9 मई को रेड स्क्वायर पर ड्रोन मंडरा सकते हैं. उन्होंने ट्रम्प के बयान का पालन करते हुए एक डिक्री जारी की जिसमें उन्होंने कहा कि रूस को शनिवार को विजय दिवस समारोह आयोजित करने की इजाजत दी गई और रेड स्क्वायर को यूक्रेनी हमलों के लिए अस्थायी रूप से वर्जित घोषित कर दिया गया.
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने जेलेंस्की की डिक्री को मूर्खतापूर्ण मजाक बताते हुए खारिज कर दिया. पेसकोव ने मीडिया से कहा, "हमें अपने विजय दिवस पर गर्व करने के लिए किसी की इजाजत की जरूरत नहीं है."
पहली बार रूस की परेड में शामिल हुए उत्तर कोरियाई सैनिक
यूक्रेन और रूस के बीच तीन दिनों के युद्धविराम के बीच हुई इस परेड में कई विदेशी नेता भी शामिल हुए. मलेशिया के राजा सुल्तान इब्राहिम इस्कंदर, लाओस के राष्ट्रपति थोंग्लौन सिसौलिथ, कजाकिस्तान के राष्ट्रपति कासिम-जोमार्ट टोकायेव, उजबेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव और बेलारूस के नेता अलेक्जेंडर लुकाशेंको ने मॉस्को में आयोजित इस परेड में शिरकत की. इसके साथ ही इस परेड में पहली बार उत्तर कोरिया के सैनिक भी शामिल हुए. उत्तर कोरिया ने रूस के कुर्स्क क्षेत्र में यूक्रेनी घुसपैठ को रोकने के लिए मॉस्को की सेना के साथ मिलकर लड़ने के लिए अपने सैनिक भेजे थे.
पुतिन ने राष्ट्रीय गौरव को बढ़ावा देने और वैश्विक शक्ति के रूप में रूस की जगह को रेखांकित करने के लिए भी विजय दिवस समारोह का इस्तेमाल किया. पुतिन ने परेड में आगे कहा, "हम इसे अपने देश के लिए गर्व और प्रेम की भावनाओं के साथ, अपनी मातृभूमि के हितों और भविष्य की रक्षा करने के अपने साझा कर्तव्य की समझ के साथ मनाते हैं. हमारे सैनिकों ने बहुत नुकसान सहा, यूरोप के लोगों की स्वतंत्रता और गरिमा के नाम पर भारी बलिदान दिया, वे साहस और कुलीनता, धैर्य और मानवता के प्रतीक बने, और एक भव्य जीत की महान महिमा के साथ खुद को ताज पहनाया."
(The above story first appeared on LatestLY on May 09, 2026 06:10 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

