समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने बताया है कि सीआईए ने दावा किया है कि ईरान अगले चार महीनों तक अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी को झेलने की स्थिति में है.अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि ईरान महीनों तक होर्मुज में जारी अमेरिका की नौसैनिक नाकेबंदी का सामना कर सकता है. समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक सीआईए ने कहा है कि ईरानी बंदरगाहों की अमेरिकी नाकेबंदी से ईरान को लगभग अगले चार महीनों तक गंभीर आर्थिक दबाव नहीं झेलना पड़ेगा.
सीआईए की इस रिपोर्ट में इशारा किया गया है कि तेहरान पर अमेरिका का प्रभाव सीमित बना हुआ है. साथ ही कहा गया है कि ईरान के साथ युद्ध के मुद्दे पर अमेरिका के आम नागरिक सरकार के फैसले से खुश नहीं हैं.
हालांकि, अमेरिका के ही एक वरिष्ठ खुफिया अधिकारी ने सीआईए के विश्लेषण के दावों को ‘झूठा' बताते हुए कहा कि अमेरिकी नाकेबंदी ईरान को गंभीर नुकसान पहुंचा रही है, व्यापार को काट रही है, राजस्व को खत्म कर रही है और आर्थिक पतन को तेज कर रही है.
ईरान के प्रस्ताव का इंतजार कर रहा है अमेरिका
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वॉशिंगटन तेहरान की उस अमेरीकी प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहा है जिसके तहत ईरान के परमाणु कार्यक्रम के साथ साथ दूसरे विवादास्पद मुद्दों पर बातचीत से पहले ही औपचारिक रूप से युद्ध को समाप्त कर देगा. अमेरीकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने शनिवार को रोम में मीडिया से बातचीत के दौरान यह भी कहा है कि उन्हें आज कुछ पता चल जाना चाहिए. वे ईरान की ओर से जवाब की उम्मीद कर रहे हैं. वहीं, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि तेहरान अभी भी अपनी प्रतिक्रिया पर विचार कर रहा है.
होर्मुज में बढ़ी झड़पों से युद्ध खत्म करने की कोशिशों पर सवाल
बीती 8 मई को खाड़ी में अमेरिका और ईरान के बीच गोलाबारी हुई, इससे दोनों देशों के बीच चल रहे युद्ध को खत्म करने की कोशिशों पर सवाल खड़े हो गए हैं. हाल के दिनों में होर्मुज जलडमरूमध्य और उसके आसपास लड़ाई बढ़ती हुई दिखी है. ईरान की समाचार एजेंसी फार्स ने बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी सेना और अमेरिकी जहाजों के बीच और झड़पें हुईं.
एक और ईरानी समाचार एजेंसी तस्नीम न्यूज एजेंसी ने एक ईरानी सैन्य सूत्र के हवाले से कहा कि फिलहाल स्थिति शांत हो गई है, लेकिन चेतावनी दी कि और झड़पें संभव हैं. वहीं, अमेरीकी सेना ने कहा कि उसने एक ईरानी बंदरगाह में घुसने करने की कोशिश कर रहे दो ईरान के जहाजों पर हमला किया, जिसमें एक अमेरिकी लड़ाकू विमान ने उनके चिमनियों पर हमला किया और उन्हें वापस लौटने के लिए मजबूर कर दिया.
28 फरवरी को पूरे ईरान पर अमेरिका और इस्राएल के हवाई हमलों के साथ युद्ध शुरू होने के बाद से ही ईरान ने जलडमरूमध्य के माध्यम से जहाजों की शिपिंग को काफी हद तक रोक दिया है. वहीं, अमेरिका ने पिछले महीने ईरानी जहाजों पर नाकेबंदी लगा दी थी.
अमेरिका ने फिर लगाई प्रतिबंधों की झड़ी
वहीं, अमेरिकी ने ईरान पर दबाव बनाने के लिए प्रतिबंधों को भी बढ़ा दिया है. अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने बीते शुक्रवार को एक बयान जारी कर बताया कि अमेरिका ने दस कंपनियों के खिलाफ प्रतिबंध लगा दिए हैं. इनमें चीन और हांगकांग की कई कंपनियां शामिल हैं, जिन्होंने तेहरान के शाहेद ड्रोन बनाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले हथियार और कच्चे माल हासिल करने में ईरान के सैन्य प्रयासों में सहायता की थी.
मंत्रालय ने कहा कि वह ईरान के सैन्य औद्योगिक बुनियाद के खिलाफ आर्थिक कार्रवाई करने के लिए तैयार है ताकि तेहरान अपनी उत्पादन क्षमता को फिर से स्थापित ना कर सके और विदेशों में शक्ति का प्रदर्शन ना कर सके. इसमें यह भी कहा गया कि वह अवैध ईरानी वाणिज्य का समर्थन करने वाली किसी भी विदेशी कंपनी के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए तैयार है और चीन के ‘टीपॉट' तेल रिफाइनरियों से जुड़े संस्थानों सहित विदेशी वित्तीय संस्थानों पर प्रतिबंध लगा सकता है.












QuickLY