देश की खबरें | बजट में तमिलनाडु की अनदेखी की गई, नीति आयोग की बैठक का बहिष्कार करूंगा: स्टालिन

चेन्नई, 23 जुलाई तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने मंगलवार को कहा कि केंद्रीय बजट में राज्य की पूरी तरह से अनदेखी की गई और वह 27 जुलाई को दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में होने वाली नीति आयोग की बैठक का बहिष्कार करेंगे।

स्टालिन ने बजट को बेहद निराशाजनक करार देते हुए कहा कि चूंकि केंद्र सरकार ने तमिलनाडु को पूरी तरह से नजरअंदाज किया है, इसलिए नीति आयोग की बैठक का बहिष्कार करना उपयुक्त होगा।

तमिलनाडु में सत्तारूढ़ द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (द्रमुक) के सांसद केंद्रीय बजट को लेकर 24 जुलाई को दिल्ली में विरोध प्रदर्शन करेंगे।

स्टालिन ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “तमिलनाडु के अधिकारों को बरकरार रखने के लिए, हम जनता की अदालत में लड़ाई जारी रखेंगे।”

स्टालिन ने बिहार और आंध्र प्रदेश की ओर इशारा करते हुए कहा कि ‘अल्पमत वाली भाजपा’ को ‘बहुमत वाली भाजपा’ बनाने वाले क्षेत्रीय दलों को संतुष्ट करने के लिए बजट में कुछ राज्यों के लिए योजनाओं की घोषणा की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने भले ही ऐसी योजनाओं की घोषणा की है, लेकिन इस बात को लेकर संदेह है कि इन्हें लागू किया जाएगा या नहीं।

स्टालिन ने कहा कि केंद्र सरकार ने तमिलनाडु के लिए ‘मेट्रो रेल योजना’ की घोषणा की थी, लेकिन इसके लिए (चेन्नई मेट्रो रेल चरण-2) कोई धनराशि आवंटित नहीं की गई और राज्य को अबतक धोखा दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि इसी तरह, इस बात की भी कोई गारंटी नहीं है कि बिहार और आंध्र प्रदेश का हश्र तमिलनाडु जैसा नहीं होगा।

स्टालिन ने कहा, “वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण उन दलों के शासन वाले राज्यों को छोड़कर बाकी सभी को भूल गई हैं जो इस सरकार को समर्थन देते हैं। राज्य के लिए कोई विशेष योजना नहीं है। हमारी कोई भी मांग पूरी नहीं की गई है।”

यह पूछे जाने पर कि क्या उन्हें लगता है कि हाल के लोकसभा चुनावों में द्रमुक और उसके सहयोगी दलों की बड़ी जीत के कारण केंद्र ने राज्य की अनदेखी की, इसपर उन्होंने कहा, “वे तमिलनाडु की जनता से इस कदर नाराज हैं।”

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)