देश की खबरें | तमिलनाडु के राज्यपाल रवि ने कुलपतियों की नियुक्ति संबंधी अधिसूचना वापस ली

चेन्नई, नौ जनवरी तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन के राज्यपाल आर.एन. रवि से मुलाकात के कुछ दिनों बाद, राजभवन ने मंगलवार को राज्य संचालित तीन विश्वविद्यालयों में कुलपतियों की नियुक्ति के संबंध में अधिसूचना वापस ले ली।

अपने मतभेदों को सुलझाने के लिए उच्चतम न्यायालय के हालिया सुझाव के बाद स्टालिन और राज्यपाल के बीच हुई बैठक के बाद रवि का पहला कदम हालांकि एक शर्त के साथ आया।

राजभवन ने कहा कि उसे पूरा विश्वास है कि राज्य सरकार भी अपनी अधिसूचनाएं वापस ले लेगी और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नियमों तथा शीर्ष अदालत और उच्च न्यायालयों के फैसलों के अनुरूप उन्हें फिर से जारी करेगी।

राज्यपाल द्वारा अधिसूचना वापस लेने के नतीजे के बारे में कोई भी हालांकि अनुमान नहीं लगा सकता है लेकिन यह राजभवन और द्रमुक सरकार के बीच तनावपूर्ण संबंधों में नरमी की संभावना का पहला संकेत है।

लंबित विधेयकों, नीतिगत मामलों और कैदियों की समय से पहले रिहाई समेत कई मुद्दों पर राज्य सरकार और राज्यपाल रवि के बीच खींचतान जगजाहिर है।

राज्य विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति के रूप में, राज्यपाल ने छह सितंबर, 2023 को तीन अधिसूचनाएं जारी की थीं, जिसमें भारतियार विश्वविद्यालय, तमिलनाडु शिक्षक शिक्षा विश्वविद्यालय और मद्रास विश्वविद्यालय के कुलपति के रूप में नियुक्ति के लिए उपयुक्त उम्मीदवारों की पहचान करने के लिए खोजबीन समितियों का गठन किया गया था।

इसी विषय पर राज्य सरकार की राजपत्र (गजट) अधिसूचनाओं का जिक्र करते हुए राजभवन ने यहां एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा कि ये विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के नियमों के अनुरूप नहीं हैं।

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