देश की खबरें | तबलीगी समागम : पांच मलेशियाई नागरिकों के मामले वापस लेने की याचिका पर 15 अक्टूबर को सुनवाई
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 13 अक्टूबर उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को कहा कि इस साल के प्रारंभ में निजामुद्दीन में आयोजित तबलीगी जमात के कार्यक्रम में शामिल होने वाले पांच मलेशियाई नागरिकों के खिलाफ बिहार सकार द्वारा दर्ज मामले वापस लेने के लिये दायर याचिका पर 15 अक्टूबर को सुनवाई की जायेगी। इनके खिलाफ कथित रूप से विदेशी नागरिक कानून के उल्लंघन के आरोप में मामले दर्ज हैं।

न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर, न्यायमूर्ति बी आर गवई और न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी की पीठ ने याचिकाकताओं से कहा कि वे याचिका की अग्रिम प्रति बिहार सरकार के वकील को दें।

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पीठ ने अपने आदेश में कहा, ‘‘याचिकाकर्ता के वकील को याचिका की अग्रिम प्रति बिहार के स्थाई वकील को ईमेल या ऑनलाइन देने की स्वतंत्रता प्रदान की जाती है। बिहार सरकार की ओर से अधिवक्ता साहिल रवीन नोटिस स्वीकार करने पर तैयार हो गये। मामले को 15 अक्टूबर को संबंधित मामलों के साथ सूचीबद्ध किया जाये।’’

अधिवक्ता फौजिया शकील के मार्फत दायर याचिका में कहा गया है कि याचिकाकर्ता मलेशिया के निवासी हैं और वे चाहते हैं कि केन्द्र और बिहार सरकार की कार्रवाई को संविधान में प्रदत्त विदेशी नागरिकों के मौलिक अधिकारों का हनन घोषित किया जाये।

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उन्होंने भारत सरकार की दो अप्रैल, 2020 की अधिसूचना के आधार पर बिहार सरकार द्वारा उनके खिलाफ शुरू की गयी कानूनी कार्यवाही वापस लेने का निर्देश देने का अनुरोध किया है।

इसी तरह, याचिका में गृह मंत्रालय को उन्हें काली सूची से हटाने और लौटने के लिये उनका वीजा बहाल करने तथा उनकी अपने देश सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने का निर्देश देने का अनुरोध किया है।

इन विदेशी नागरिकों ने याचिका में यह भी कहा है कि उन्होंने टूरिस्ट वीजा पर 6-7 मार्च , 2020 को भारत में प्रवेश किया था और 10-13 मार्च तक यहां निजामुद्दीन में तबलीगी कार्यक्रम में शामिल होने के बाद वे बिहार के किशनगंज और अररिया चले गये थे।

याचिका में कहा गया है कि 12 और 14 अप्रैल को उनके खिलाफ विदेशी नागरिक कानून के उल्लंघन के आरोप में मामला दर्ज किया गया और इसके बाद बिहार पुलिस ने किशनगंज और अररिया जिले में उन्हें गिरफ्तार कर लिया था।

अनूप

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