देश की खबरें | निलंबित पुलिस अधीक्षक पर एक और व्यवसायी ने लगाया रिश्वत मांगने का आरोप
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

महोबा (उप्र), 18 सितंबर उत्तर प्रदेश के महोबा जिले के कबरई कस्बे में संदिग्ध परिस्थिति में गोली लगने से व्यवसायी इन्द्रकांत की मौत मामले की जांच कर रही एसआईटी के सामने एक और व्यवसायी ने निलंबित पुलिस अधीक्षक पर पांच लाख रुपये की रिश्वत मांगने और न देने पर फर्जी मामलों में जेल भेजने की धमकी देने का आरोप लगाया है।

सूत्रों ने बताया कि "क्रशर व्यवसायी की संदिग्ध परिस्थिति में गोली लगने से हुई मौत मामले की जांच कर रहे एसआईटी के अधिकारियों ने महोबा की पुलिस लाइन में बृहस्पतिवार की देर शाम तक कई व्यवसाइयों को तलब कर अलग-अलग बयान दर्ज किए हैं। जिनमें कबरई कस्बे के विस्फोटक सामाग्री के व्यवसायी केशव सविता, अपनी पत्नी सुधा और बेटे मयंक व प्रद्युम्न के साथ पहुंचकर बयान दर्ज करवाएं हैं।

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व्यवसायी केशव सविता ने शुक्रवार को बताया कि "फरवरी माह में तत्कालीन पुलिस अधीक्षक (अब निलंबित) मणिलाल पाटीदार ने उनसे (केशव से) पांच लाख रुपये प्रति माह की रिश्वत मांगी थी, न देने पर 29 फरवरी को विस्फोटक लदी उनकी गाड़ी (वाहन) जब्त कर लिया और वाहन छोड़ने के बदले 25 लाख रुपये की मांग की थी।"

सविता ने बताया कि "जब वे दूसरे दिन इसी सिलसिले में बात करने के लिए अपने दोनों बेटों (मयंक व प्रद्युम्न) को कबरई थाने भेजा, तो पुलिस ने दोनों बेटों को पुलिसकर्मियों की हत्या करने के प्रयास (307) का फर्जी मामला दर्जकर गिरफ्तार कर लिया था।"

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इस व्यवसायी ने बताया, "उन्होंने (व्यवसायी ने) एसआईटी अधिकारियों को विस्फोटक सामाग्री आपूर्ति से संबंधित लाइसेंस के सभी वैध दस्तावेज भी दिखाए हैं और बयान भी दर्ज करवाया है।"

उन्होंने कहा कि "बयान दर्ज करवाने के बाद अब डर लगता है कि पाटीदार के समय के कई पुलिस वाले अब भी तैनात हैं और कहीं इन्द्रकांत जैसी कोई अनहोनी न हो जाये।"

गौरतलब है कि पाटीदार के रिश्वत मांगने से संबंधित सात-आठ सितंबर को वीडियो वायरल करने के कुछ घण्टे बाद ही कबरई के क्रशर व्यवसायी इन्द्रकांत त्रिपाठी संदिग्ध परिस्थिति में गोली लगने से घायल मिले थे, जिनकी रविवार (13 सितंबर) शाम कानपुर की रीजेंसी अस्पताल में मौत हो गयी है।

गोली लगने की घटना में इन्द्रकांत के बड़े भाई रविकांत त्रिपाठी ने शुक्रवार (11 सितंबर) की शाम कबरई थाने में निलंबित पुलिस अधीक्षक पाटीदार, निलंबित थानाध्यक्ष देवेन्द्र शुक्ला और दो व्यवसाइयों सुरेश सोनी व ब्रम्हदत्त के खिलाफ जबरन धन वसूली (386), हत्या का प्रयास (307), साजिश रचना (120बी) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम-1988 की धारा-7/8 के तहत मामला दर्ज करवाया था। व्यवसायी की मौत के बाद हत्या के प्रयास की धारा-307 अब हत्या (302) में बदल गयी है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गत नौ सितम्बर को भ्रष्टाचार के आरोप में महोबा के पुलिस अधीक्षक पाटीदार को निलम्बित कर दिया था।

इसी मामले की जांच के लिए शासन के निर्देश पर मंगलवार को वाराणसी के पुलिस महानिरीक्षक विजय कुमार मीणा की अध्यक्षता में एसआईटी का गठन किया था।

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