नयी दिल्ली, 31 जनवरी रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को कहा कि सनदी लेखाकार (चार्टर्ड अकाउंटेंट) जवाबदेही के रक्षक हैं और उन्हें आगे रहने के लिए नवाचार पर जोर देना चाहिए।
दिल्ली में वर्ल्ड फोरम ऑफ अकाउंटेंट्स (डब्ल्यूओएफए) सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सनदी लेखाकारों को यह देखना चाहिए कि विकेंद्रीकृत डेटा ढांचे के संदर्भ में लेखांकन प्रथाएं कैसे विकसित हो रही हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘सूचना को वास्तव में जवाबदेह बनाने के लिए इसे पूर्ण, सटीक और इस तरह पेश करना चाहिए कि सभी हितधारक इसे आसानी से अपना सकें। हमारे देश में सनदी लेखाकारों को समर्पण और ईमानदारी के साथ यह जिम्मेदारी निभानी है।’’
डब्ल्यूओएफए सम्मेलन का आयोजन भारतीय सनदी लेखाकार संस्थान (आईसीएआई) ने किया है।
सिंह ने कहा कि भरोसा ही सबको जोड़कर रखता है। सनदी लेखाकार को न केवल लगातार सीखना चाहिए, बल्कि आगे रहने के लिए नवाचार पर भी जोर देना चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘इतिहास ने हमें दिखाया है कि जब चूक होती है, तो एनरॉन जैसे घोटाले होते हैं... ये घटनाएं हमें वित्तीय ईमानदारी में समझौते के विनाशकारी परिणामों की याद दिलाती हैं।’’
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