देश की खबरें | शामली के पुलिस अधीक्षक को समलैंगिक जोड़े को सुरक्षा प्रदान करने का निर्देश
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

प्रयागराज, तीन नवंबर इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने शामली के पुलिस अधीक्षक को एक समलैंगिक जोड़े को सुरक्षा प्रदान करने का सोमवार को निर्देश दिया। इस जोड़े ने परिवार और समाज से प्रतिरोध का दावा करते हुए अदालत से सुरक्षा मुहैया कराने की गुहार लगाई थी।

न्यायमूर्ति एसके गुप्ता और न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की पीठ ने शामली की सुल्ताना मिर्जा और किरण रानी द्वारा दायर एक याचिका पर यह आदेश पारित किया और शामली के पुलिस अधीक्षक को यह सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया कि याचिकाकर्ताओं को कोई परेशान ना करे।

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याचिकाकर्ताओं ने कहा कि वे कई वर्षों से एक साथ रह रही हैं, लेकिन समलैंगिक होने की वजह से उन्हें परिवार और समाज के प्रतिरोध का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें उनके संबंधों की वजह से उत्पीड़न और उनकी जान को खतरा जान पड़ता है।

याचिकाकर्ताओं ने नवतेज सिंह जौहर मामले को आधार बनाते हुए यह याचिका दायर की। जौहर के मामले में उच्चतम न्यायालय ने एलजीबीटी (समलैंगिक स्त्री, समलैंगिक पुरुष, उभयलिंगी और किन्नर) की दुर्दशा पर विचार किया था।

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पीठ ने जौहर के मामले में दिए गए सिद्धांतों को ध्यान में रखा जिसमें एक व्यक्ति के लैंगिक रुझान के आधार पर किसी तरह के भेदभाव को असंवैधानिक माना गया।

अदालत ने इस याचिका को स्वीकार करते हुए कहा कि एक संवैधानिक अदालत, संवैधानिक नैतिकता और नागरिक के उन अधिकारों पर नजर रखने को बाध्य है जो केवल लैंगिक रुझान की वजह से खतरे में है।

अदालत ने कहा, “हम शामली के पुलिस अधीक्षक को उस स्थिति में याचिकाकर्ताओं को उचित सुरक्षा मुहैया कराने का निर्देश देते हैं जब वे आवश्यक सुरक्षा के लिए उनसे संपर्क करें। साथ ही पुलिस अधीक्षक यह सुनिश्चित करें कि उनके साथ किसी तरह के उत्पीड़न की कार्रवाई ना की जाए।”

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