नयी दिल्ली, चार जून कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने बृहस्पतिवार को दिल्ली उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया और पुलिस को उनकी पत्नी सुनंदा पुष्कर की वर्ष 2014 में हुई मौत से पहले का ट्विटर खाता और ट्वीट संरक्षित करने का निर्देश देने की गुहार लगायी।
थरूर के आवेदन पर आठ जून को सुनवाई होने की उम्मीद है। आवेदन में कहा गया कि मामले में पुष्कर के ट्वीट और ट्विटर टाइमलाइन बेहद महत्वपूर्ण हैं क्योंकि वह जीवित नहीं हैं इसलिए ऐसी आशंका है कि खाता और ट्वीट हटाए जा सकते हैं।
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इसमें कहा गया कि थरूर के पास उन पर लगाए गए कथित झूठे आरोपों से खुद को बचाने का पूरा अधिकार है।
अपनी पत्नी की मौत के मामले में इकलौते आरोपी थरूर ने निर्देश देने की मांग की कि निचली अदालत के समक्ष कार्यवाही लंबित रहने तक पुलिस ''ट्विटर इंडिया'' से पुष्कर का खाता संरक्षित रखने को कहे।
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याचिका में ट्विटर के उस नियम का हवाला दिया गया है, जिसके तहत उपयोगकर्ता के लंबे समय तक खाते का उपयोग नहीं करने पर उसे निष्क्रिय करने का प्रावधान है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री थरूर पर पत्नी सुनंदा पुष्कर को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है।
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