नयी दिल्ली, 21 अक्टूबर दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी के सभी स्कूलों को शहर मे बदतर हो रही वायु गुणवत्ता के मद्देनजर त्योहारों के दौरान पटाखे जलाने के खिलाफ छात्रों के बीच जागरूकता फैलाने के निर्देश दिए हैं।
उल्लेखनीय है कि कोविड-19 महामारी के दौरान शहर की वाणु गुणवत्ता चिंता का कारण बनते जा रही है।
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चूंकि स्कूल बंद हैं, इसलिए पटाखों का इस्तेमाल नहीं करने के बारे में छात्रों को प्रेरित करने के लिये स्कूल प्रशासन को व्हाट्सऐप ग्रुप तथा अन्य डिजिटल माध्यमों का उपयोग करने की सलाह दी गई है।
शिक्षा निदेशालय ने स्कूलों के प्राचार्यों को लिखे पत्र में कहा है, ‘‘दिवाली, छठ पूजा और गुरु पर्व के त्योहारों पर पटाखों का बहुत इस्तेमाल किया जाता है, जो सल्फर डाईऑक्साइड, कार्बन मोनोऑक्साइड और कई अन्य प्रदूषक हवा में फैलाते हैं, जिनसे दमा, श्वसन संबंधी रोग, उच्च रक्तचाप और हृदय से जुड़ी गंभीर बीमारियां होती हैं।’’
पत्र में कहा गया है, ‘‘पटाखों को जलाने से होने वाले वायु प्रदूषण एवं ध्वनि प्रदूषण जंतुओं, पक्षियों और अन्य जीवों के जीवन को भी प्रभावित करते हैं।’’
इसमें कहा गया है, ‘‘प्रदूषण के कारण बीमार और बूढ़े लोगों को विभिन्न एलर्जी और बीमारियां होने का खतरा है। मौजूदा कोविड-19 महामारी के दौरान बेहतर वायु गुणवत्ता सुनिश्चित करना आवश्यक है क्योंकि कोरोना वायरस से संक्रमित होने वाले मरीजों को सांस लेने की समस्या पेश आती है और पटाखे जलाने से वायु गुणवत्ता बदतर हो सकती है। ’’
पत्र में कहा गया है, ‘‘छात्रों को पटाखों को ‘ना’ कहने के लिये प्रेरित किया जाना चाहिए। इसके अलावा, स्कूलों के प्राचार्य या प्रधानाध्यापकों द्वारा शिक्षकों को निर्देश दिया जाना चाहिए कि वे छात्रों को दिवाली और अन्य त्योहार पटाखे जलाने के बजाय, सुरक्षित तरीकों एवं पारिस्थितिकी हितैषी उपायों के साथ अलग तरीके से मनाने के लिये प्रेरित करें। ’’
निदेशालय ने कहा कि कोविड-19 महामारी के कारण सभी स्कूल बंद हैं। इसलिए सभी प्राचार्यों को निर्देश दिया जाता है कि वे छात्रों से उपरोक्त सूचना साझा करने के लिये व्हाट्सऐप ग्रुप का उपयोग करें।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक दिल्ली की वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) बुधवार सुबह 268 दर्ज किया गया है, जबकि मंगलवार को यह 223 था।
उल्लेखनीय है कि शून्य से 50 के बीच की एक्यूआई को ‘अच्छा’, जबकि 51 से 100 के बीच को ‘संतोषजनक’ और 101 से 200 तक को ‘मध्यम’, 201 से 300 के बीच को ‘खराब’ , 301 से 400 के बीच को ‘बहुत खराब’ तथा 401 से 500 तक को ‘गंभीर’ माना जाता है।
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