औरंगाबाद (महाराष्ट्र), 29 जुलाई भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक प्रशांत बांब ने कहा कि कुछ जल एवं सिंचाई परियोजनाओं को मराठवाड़ा में रोका जा रहा है और ऐसा डर है कि अगर सूखाग्रस्त क्षेत्रों में पर्याप्त बारिश नहीं होती है तो इससे किसान आत्महत्याओं की घटनाएं बढ़ सकती हैं।
औरंगाबाद जिले में गंगापुर निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले विधायक ने दावा किया कि उन्होंने मुद्दे पर चर्चा करने के लिए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से कई बार मिलने के प्रयास किए हैं।
बांब ने ऑनलाइन संबोधन में कहा, “जल एवं सिंचाी परियोजनाएं, विशेषकर मराठवाड़ा क्षेत्र के लिए बनाईं गईं परियोजनाएं रुक रही हैं। जल ग्रिड परियोजना के लिए मंजूरी तेजी से दी गई थी और इस योजना के लिए निविदाएं मंगाई गई थीं। 45,000 करोड़ रुपये की परियोजना को रोक दिया गया और पैठन तालुका में एक योजना के लिए महज 250 करोड़ रुपये दिए गए। इसके अलावा, जलयुक्त शिवार योजना भी क्षेत्र में लागू नहीं की गई।”
भाजपा विधायक ने कहा कि इससे पहले शिवसेना ने मराठवाड़ा को प्राथमिकता दी थी और फसल बीमा योजनाओं के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया था।
उन्होंने दावा किया कि कंपनियां अब किसानों को उनके नुकसान की भरपाई नहीं कर रही है और अगर क्षेत्र को पर्याप्त बारिश नहीं मिलती है तो इस बात का अंदेशा है कि किसान आत्महत्या कर सकते हैं।
बांब ने कहा, “मैंने राज्य सरकार को विभिन्न मुद्दों पर 19 पत्र लिखे हैं लेकिन उसपर कोई जवाब नहीं मिला है।”
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