चेन्नई, 29 जुलाई द्रमुक प्रमुख एम के स्टालिन ने बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और माकपा महासचिव सीताराम येचुरी सहित देश के कई शीर्ष राजनीतिक नेताओं से फोन पर बात कर चिकित्सा संस्थानों में प्रवेश में ओबीसी आरक्षण प्रदान करने के लिए केंद्र पर "दबाव बढ़ाने" में उनका सहयोग मांगा।
पार्टी की एक विज्ञप्ति में कहा गया कि स्टालिन ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी और तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव के अलावा, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से भी बात की।
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मद्रास उच्च न्यायालय ने सोमवार को केंद्र सरकार को निर्देश दिया था कि वह मेडिकल प्रवेश के लिए तमिलनाडु द्वारा रखी गई अखिल भारतीय सीटों में ओबीसी आरक्षण प्रदान करने के मुद्दे पर निर्णय लेने के लिए एक समिति का गठन करे।
अदालत ने कहा था कि इस तरह की समिति में केंद्र, राज्य और भारतीय चिकित्सा परिषद के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाना चाहिए और इसका गठन तीन महीने के भीतर हो जाना चहिए।
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स्टालिन ने एक ट्वीट में कहा कि उन्होंने उच्च न्यायालय के ‘‘ऐतिहासिक फैसले’’ के बाद नेताओं से बात की और उनसे राज्य में अखिल भारतीय सीट में मेडिकल सीटों में ओबीसी आरक्षण कोटा और राज्य आरक्षण कानूनों को बनाए रखने समेत इन मुद्दों पर केंद्र से प्राथमिकता के आधार पर एक समिति की बैठक बुलाने के लिए उनका समर्थन मांगा।
उन्होंने भाकपा महासचिव डी राजा, पूर्व प्रधानमंत्री देवेगौड़ा, राकांपा प्रमुख शरद पवार, बसपा सुप्रीमो मायावती, सपा नेता अखिलेश यादव, जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेकां नेता उमर अब्दुल्ला से भी बात की।
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