चेन्नई, 19 जुलाई तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने बुधवार को केंद्र से कपास की कीमतों में भारी वृद्धि का मामला उठाया तथा एमएसएमई क्षेत्र की दिक्कतों को कम करने के लिए अन्य उपायों के अलावा आयात शुल्क वापस लिये जाने का आग्रह किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे पत्र में स्टालिन ने कहा कि कपास की ऊंची कीमतें, बैंक ब्याज दरों सहित परिचालन लागत में वृद्धि और कमजोर मांग ने इस क्षेत्र को बुरी तरह प्रभावित किया है।
उन्होंने कहा, 1,500 मिलों और लगभग 15 लाख कर्मचारियों वाला कताई क्षेत्र तमिलनाडु की औद्योगिक अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण इंजनों में से एक है।
यह क्षेत्र ‘‘इतने गंभीर संकट में था कि कताई मिल एसोसिएशन ने 15 जुलाई, 2023 से उत्पादन बंद करने की घोषणा कर दी।’’
उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के बाद एमएसएमई इकाइयों को पटरी पर लाने के लिए आपातकालीन ऋण सुविधा गारंटी योजना (ईसीएलजीएस) के तहत प्रदान किए गए कर्जों का पुनर्भुगतान शुरू हो गया है। यह कताई मिलों के लिए एक अतिरिक्त बोझ बन गया है और उत्पादन की लागत बढ़ गई है।
भारत और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसके प्रतिस्पर्धियों के बीच एक और महत्वपूर्ण मूल्य अंतर का कारण कपास पर लगाया गया 11 प्रतिशत आयात शुल्क है।
स्टालिन ने कपास पर आयात शुल्क वापस लेने सहित एमएसएमई क्षेत्र के हित में और अधिक उपाय करने का अनुरोध करते हुए कहा कि इससे उत्पादन लागत में काफी कमी आएगी।
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