कोलंबो, चार सितंबर श्रीलंका सरकार ने 20वें संविधान संशोधन के मसौदे को राजपत्र में प्रकाशित किया है जो राष्ट्रपति के अधिकारों को कम करने वाले तथा संसद की भूमिका को मजबूत बनाने वाले 2015 में हुए 19वें संशोधन की जगह लेगा।
श्रीलंका में 1978 में शासन के पूरी तरह राष्ट्रपति व्यवस्था के तहत आने के बाद से संशोधन 19ए को सबसे प्रगतिशील लोकतंत्र समर्थक सुधार माना जा रहा था।
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इसमें न्यायपालिका, लोकसेवा और चुनाव जैसे प्रमुख स्तंभों की स्वतंत्रता सुनिश्चित करके सरकार के प्रशासन को राजनीति से मुक्त करने के प्रावधान थे।
हालांकि नया 20वां संशोधन 19ए में राष्ट्रपति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के प्रावधान को हटाकर उन्हें पूरी कानूनी छूट बहाल करने के प्रस्ताव वाला है।
ऊर्जा मंत्री और सरकार के सह-प्रवक्ता उदय गम्मनपिला ने कहा कि 20ए को संसद में चर्चा तथा पारित करने के लिए कार्यसूची में रखे जाने से कम से कम तीन सप्ताह पहले इसे राजपत्र में प्रकाशित किये जाने का प्रावधान है।
उन्होंने कहा, ‘‘अगर मामले से जुड़े पक्ष उच्चतम न्यायालय में कानूनी प्रक्रिया शुरू करते हैं तो यह अवधि छह सप्ताह की हो सकती है।’’
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