कोलंबो, 28 जून श्रीलंका के मंत्रिमंडल ने संसद को अधिक अधिकार देने के लिए संविधान में 22 वें संशोधन संबंधी मसौदा विधेयक को मंजूरी दे दी है। मंत्रिमंडल प्रवक्ता बंदुला गुणवर्धन ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
संविधान के 22वें संशोधन को मूल रूप से 21ए नाम दिया गया था और इसका मकसद 20ए को बदलना था। प्रस्तावित संशोधन देश में जारी आर्थिक संकट के बीच तैयार किया गया था। आर्थिक बदहाली को लेकर देश में राजनीतिक संकट भी पैदा हो गया था।
इस संशोधन को 22वां संशोधन कहा जाएगा क्योंकि मसौदा 21वां संशोधन पहले ही अधिसूचित हो चुका है।
गुणवर्धन ने संवाददाताओं से कहा कि कैबिनेट ने सोमवार को हुई बैठक में संविधान के 22वें संशोधन से संबंधित मसौदा विधेयक को मंजूरी दी।
श्रीलंका 1948 में आजादी मिलने के बाद से सबसे गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहा है जिससे देश भर में भोजन, दवा, रसोई गैस और ईंधन जैसी आवश्यक वस्तुओं की भारी कमी हो गई है।
संवैधानिक मामलों के मंत्री विजेदासा राजपक्षे ने कहा कि 22वां संशोधन विधेयक सभी पक्षों से बातचीत करके तैयार किया गया है।
इससे पहले विपक्ष ने 22ए संबंधी सरकारी मसौदे पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि यह महत्वहीन है क्योंकि इससे राष्ट्रपति की शक्ति में कोई कमी नहीं आएगी। सरकार ने कहा है कि 22ए मसौदा विधेयक को अब राजपत्रित किया जाएगा और फिर संसद में पेश किया जाएगा।
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