जरुरी जानकारी | भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौते को उन्नत बनाने के लिये श्रीलंका गंभीर: राष्ट्रपति विक्रमसिंघे

कोलंबो, 16 सितंबर श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने शुक्रवार को कहा कि उनका देश भारत-श्रीलंका मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को उन्नत बनाकर व्यापक आर्थिक और प्रौद्योगिकीय भागीदारी करने को लेकर गंभीर है। उन्होंने यह भी कहा कि 2018 और 2019 में जो काम शुरू हुए, उसमें कोई खास प्रगति नहीं हुई है।

भारत और श्रीलंका के बीच मुक्त व्यापार समझौता पहला द्विपक्षीय व्यापार करार था। समझौते पर 1998 में हस्ताक्षर किये गये थे और यह 2000 में अमल में आया। इसका मकसद व्यापार नियमों को उदार बनाकर दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत बनाना था।

विक्रमसिंघे ने भारत की आजादी की 75वीं वर्षगांठ को लेकर श्रीलंका-भारत सोसायटी को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘श्रीलंका और भारत को खासकर आर्थिक संबंधों को लेकर धीरे-धीरे निवेश और गैर-शुल्क बाधाओं से पार पाना है।’’

उन्होंने कहा कि भारत का पड़ोसी देशों के साथ रिश्ता व्यापार एकीकरण से निर्धारित होगा।

राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘व्यापार एकीकरण आर्थिक आधार देता है। साझा आर्थिक आधार बेहतर राष्ट्रीय सुरक्षा तथा बेहतर राजनीतिक संबंधों के लिये पूर्व शर्त है।’’

उन्होंने कहा कि इस प्रकार का पहला कदम एफटीए को पटरी पर लाना और उसे उन्नत बनाकर व्यापक आर्थिक प्रौद्योगिकी भागीदारी का रूप देना है। एफटीए को लेकर जो कार्य 2018 और 2019 में शुरू हुए, उसमें खास प्रगति नहीं हुई।’’

विक्रमसिंघे ने कहा कि दूसरा कदम उन परियोजनाओं पर गौर करना है, जिस पर दोनों देशों ने सहमति जतायी है। लेकिन श्रीलंका की तरफ से उस पर देरी हुई है।

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