नयी दिल्ली, 29 जुलाई दिल्ली स्थित एक निजी अस्पताल के डॉक्टरों ने स्विमिंग पूल में छिछले पानी वाले हिस्से में सिर के बल छलांग लगाने के दौरान चोटिल 20 वर्षीय मरीज की रीढ़ का ऑपरेशन किया है।
इंडियन स्पाइनल इंजरीज सेंटर (आईएसआईसी)के डॉक्टरों ने ‘स्पाइन फ्यूजन ऐंड फिक्सेशन सर्जरी’ करीब साढ़े तीन घंटे में की। उन्होंने बताया कि मरीज को ठीक होने में डेढ़ से तीन महीने का समय लगेगा।
डॉक्टरों ने बताया कि जागरूकता की कमी की वजह से कई लोग छिछले पानी में सीधे ही छलांग लगाते हैं और फर्श से टकराने से उनकी गर्दन टूट जाती है। उन्होंने बताया कि उनमें से कई पूरी तरह से लकवा ग्रस्त हो जाते हैं।
आईएसआईसी के डॉक्टर गुरुराज संगोंदीमठ ने सलाह दी कि जब पानी की गहराई का पता न हो तब जलाशय में ऐसे छलांग लगानी चाहिए कि पैर आगे हों ताकि गहराई का अंदाजा हो जाए। आठ से 10 फुट गहरा पानी होने पर सिर के बल छलांग लगाई जा सकती है।
उन्होंने बताया कि जिस युवक की सर्जरी की गई है उसे घटना के तुरंत बाद आईएसआईसी लाया गया था और उसकी गर्दन में गंभीर चोट आई थी। डॉक्टरों ने बताया कि चोटिल युवक फैशन डिजाइनिंग का छात्र है और मौजूदा समय में उसे फिजियोथैरेपी दी जा रही है।
उन्होंने बताया कि वह पूरी तरह से लकवाग्रस्त हो गया था और यहां तक कि, पेशाब और मल त्याग पर भी नियंत्रण नहीं था।
वरिष्ठ डॉक्टर ने बताया,‘‘हमने स्पाइनल फ्यूजन सर्जरी की और छड़ और स्क्रू की मदद से रीढ़ को सही स्थान पर रखा। मरीज की फिजियोथैरेपी और इलाज चल रहा है। दोनों उसके स्वास्थ्य को सुधारने में अहम भूमिका निभाएंगे। फिलहाल वह बहुत कुछ नहीं कर पा रहा है। लेकिन वह जल्द ही कुर्सी पर बैठने लगेगा और अपने कुछ काम करने लगेगा। अगर उसकी क्षमता समय के साथ बढ़ी तो अपनी अधिकतर दैनिक गतिविधियों को वह स्वयं कर सकेगा।’’
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