विपक्षी विधायक विधानसभा कक्ष के दरवाजे पर बैठ गये और सरकार विरोधी नारेबाजी करने लगे। उन्होंने आज आंदोलन के दौरान आम लोगों, खासकर महिलाओं के खिलाफ पुलिस की कथित ज्यादती के खिलाफ नारे लगाये।
कोट्टयम में चंगनासेरी स्थित माद्दापल्ली में प्रदर्शन हिंसक हो गया, क्योंकि महिलाओं सहित बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों ने करोड़ों रुपये की इस परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण को लेकर शिलान्यास करने आए अधिकारियों के खिलाफ ‘वापस जाओ’ के नारे लगाये।
बाद में पुलिसकर्मियों ने महिलाओं सहित सभी प्रदर्शनकारियों को वहां से बलपूर्वक हटाया, जिससे इलाके में घंटों तनाव जारी रहा।
इस मामले में एलडीएफ-नीत सरकार को आड़े हाथों लेते हुए यूडीएफ नेताओं ने कहा कि परियोजना के खिलाफ उत्तर से दक्षिण तक लोगों का प्रदर्शन जारी है और और जिम्मेदार विपक्ष के नाते वे चिंतित जनता को सभी प्रकार का समर्थन देंगे।
सदन के बाद संवाददाताओं से बातचीत में नेता प्रतिपक्ष वी डी सतीशन ने कहा, ‘‘न केवल कोट्टयम, बल्कि पूरे राज्य में, हर गांव और शहरों की जनता सिल्वर लाइन परियोजना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के लिए सड़कों पर उतर रहे हैं। मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन राजनीतिक अंधेपन और सत्ता के दर्प के शिकार हैं।’’
इस घटना को बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ओमान चांडी ने विजयन सरकार से आग्रह किया कि वह इस परियोजना पर आगे न बढ़ें, क्योंकि इसे केंद्र की मंजूरी नहीं मिली है।
इस बीच, विपक्षी कांग्रेस, भाजपा और परियोजना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के आयोजन का समन्वय करने वाले मंच ‘समरसमिति’ ने कोट्टयम में चंगनासेरी में शुक्रवार को ‘दिन भर की हड़ताल’ का आयोजन किया है।
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