देश की खबरें | एसएफआई ने एयूडीएससी के चुनावों में 24 सीटों के साथ बहुमत हासिल किया

नयी दिल्ली, पांच मार्च स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) ने आंबेडकर विश्वविद्यालय दिल्ली छात्र परिषद (एयूडीएससी) के चुनावों में 45 में से 24 सीट जीतकर बहुमत हासिल किया।

एसएफआई ने एक बयान जारी कर कहा कि छह साल के बाद आयोजित चुनावों में सभी परिसर के छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिसमें एसएफआई ने करमपुरा परिसर में महत्वपूर्ण बढ़त हासिल की, जबकि लोधी रोड और कुतुब इंस्टीट्यूशनल एरिया परिसर में भी पहली बार जीत दर्ज की।

कश्मीरी गेट परिसर में एसएफआई ने 16 सीट, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) ने चार, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने दो और निर्दलीय ने छह सीट जीतीं।

करमपुरा परिसर में एसएफआई ने पांच सीट, आइसा ने दो, एबीवीपी ने एक और निर्दलीय ने चार सीट जीतीं।

लोधी रोड परिसर में एसएफआई ने एक, निर्दलीय ने दो सीट जीती, वहीं एबीवीपी और आइसा खाता भी नहीं खोल पाए।

कुतुब इंस्टीट्यूशनल एरिया परिसर में एसएफआई ने दोनों सीट जीतीं, जबकि एबीवीपी और आइसा को कोई सीट नहीं मिली।

इस प्रकार एयूडीएससी में एसएफआई बड़े संगठन के रूप में उभरी और निर्णय लेने वाली परिषद की शीर्ष संस्था, पांच सदस्यीय केंद्रीय समन्वय समिति (सीसीसी) के चुनाव में अहम भूमिका निभाएगी।

कश्मीरी गेट पर एसएफआई सचिव शेफाली ने कहा, ‘‘2018 और 2019 में एसएफआई ने बहुमत हासिल किया था और सीसीसी का नेतृत्व किया। इस बार, चुनाव में देरी करने के प्रयासों के बावजूद हमने सुनिश्चित किया कि छात्र लोकतंत्र बहाल हो।’’

वामपंथी छात्र संगठन ने यह भी दावा किया कि परिणाम दिखाते हैं कि दक्षिणपंथी छात्र राजनीति को नकार दिया गया है।

कर्मपुरा परिसर पर एसएफआई के संयोजक अनन ने आरोप लगाया कि एबीवीपी ने नए विभागों में शिक्षकों की नियुक्तियों के माध्यम से छात्रों को प्रभावित करने का प्रयास किया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।

उन्होंने कहा, ‘‘छात्रों ने एबीवीपी की सांप्रदायिक और विभाजनकारी राजनीति को पूरी तरह से नकार दिया।’’

इस बीच, आइसा ने भी छात्र परिषद में प्रतिनिधित्व हासिल किया, लेकिन चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं पर चिंता जताई।

आइसा ने एक बयान में प्रशासन पर अंतिम समय में नियमों में बदलाव, बड़े पैमाने पर उम्मीदवारी रद्द करने और पारदर्शिता के अभाव का आरोप लगाया।

इसने विशेष रूप से एमफिल सीट को खत्म करने और चुनाव समिति के गठन में प्रक्रियात्मक खामियों की ओर इशारा किया।

एयूडी के चुनाव नियमों के अनुसार, प्रत्येक शैक्षणिक पाठ्यक्रम में पाठ्यक्रम प्रतिनिधियों का सीधे चुनाव किया जाता है। ये प्रतिनिधि निर्वाचक मंडल बनाते हैं, जो छात्र परिषद के पदाधिकारियों का चुनाव करता है।

निर्वाचित सदस्य जल्द ही कश्मीरी गेट और करमपुरा परिसरों में अपने-अपने केंद्रीय छात्र परिषदों का चुनाव करने के लिए जुटेंगे।

कश्मीरी गेट में, केंद्रीय परिषद में पांच सदस्य होंगे जिनमें दो बीए पाठ्यक्रमों से, दो एमए पाठ्यक्रमों से और एक पीएचडी पाठ्यक्रम से होंगे

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