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श्रम कानूनों को ‘कमजोर करने’ लेकर सात राजनीतिक दलों ने राष्ट्रपति को पत्र लिखा

माकपा महासचिव सीताराम येचुरी, भाकपा महासचिव डी राजा, भाकपा (माले) महासचिव दिपांकर भट्टाचार्य, ऑल इंडिया फारवर्ड ब्लॉक के महासचिव देबव्रत विश्वास, आरसपी के महासचिव मनोज भट्टाचार्य, राजद सांसद मनोज झा और वीसीके (तमिलनाडु का दल) के अध्यक्ष थोल तिरूवमवलवन ने इस पत्र पर हस्ताक्षर किये हैं।

श्रम कानूनों को ‘कमजोर करने’ लेकर सात राजनीतिक दलों ने राष्ट्रपति को पत्र लिखा
जमात

नयी दिल्ली, आठ मई देश के सात राजनीतिक दलों ने सरकार पर श्रम कानूनों को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को पत्र लिखा और इस मुद्दे पर अपना विरोध दर्ज कराया।

माकपा महासचिव सीताराम येचुरी, भाकपा महासचिव डी राजा, भाकपा (माले) महासचिव दिपांकर भट्टाचार्य, ऑल इंडिया फारवर्ड ब्लॉक के महासचिव देबव्रत विश्वास, आरसपी के महासचिव मनोज भट्टाचार्य, राजद सांसद मनोज झा और वीसीके (तमिलनाडु का दल) के अध्यक्ष थोल तिरूवमवलवन ने इस पत्र पर हस्ताक्षर किये हैं।

इन नेताओं ने पत्र में कहा कि श्रम कानूनों को इस तरह से कमजोर करना संविधान का उल्लंघन है।

गौरतलब है कि गुजरात, मध्य प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान और पंजाब ने फैक्ट्री अधिनियम में संशोधन के बिना काम की अवधि को आठ घंटे प्रतिदिन से बढ़ाकर 12 घंटे कर दिया है।

इन राजनीतिक दलों ने आशंका जताई है कि दूसरे राज्य भी ऐसा कदम उठा सकते हैं।

इन्होंने कहा कि कोरोना वायरस महामारी के आने से पहले भारत की अर्थव्यवस्था मंदी की तरफ बढ़ रही थी।

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(The above story first appeared on LatestLY on May 08, 2020 09:35 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).