नयी दिल्ली, 21 जून दिल्ली की जेलों में कई कैदियों और कर्मचारियों के कोविड-19 से संक्रमित होने के बीच दिल्ली उच्च न्यायालय की एक न्यायाधीश की अध्यक्षता में गठित एक उच्चाधिकार प्राप्त समिति ने कई निर्देश जारी किये है।
इन निर्देशों में कैदियों के बीच वायरस को फैलने से रोकने के लिए पृथक वार्ड बनाने और तेजी से जांच करना शामिल हैं।
न्यायमूर्ति हिमा कोहली की अध्यक्षता में इस समिति ने 55 साल से अधिक उम्र के कैदियों के संबंध में अतिरिक्त एहतियात बरतने के जेल अधिकारियों को निर्देश दिये।
समिति ने कहा कि 18 और 21 आयु वर्ग के बीच नये कैदियों को पृथक वार्ड में रखा जाये और जेल महानिदेशक तथा दिल्ली सरकार के विशेष सचिव (गृह) से कहा कि वे मंडोली जेल के निकट नये कैदियों के लिए पृथक वार्ड बनाने और कोविड संक्रमित कैदियों को रखने के वास्ते 360 खाली पुलिस क्वार्टर का प्रबंध करने के लिए प्रयास करें।
नए कैदियों को कैदियों के बीच वायरस फैलाने से रोकने के लिए, समिति की राय है कि हर नए कैदी की तेजी से जांच किये जाने की जरूरत है।
जेल कर्मियों के जरिये कैदियों के बीच इस महामारी को फैलने से रोकने के लिए समिति का कहना था कि भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के दिशानिर्देशों के अनुसार कर्मचारियों की जांच की जाये।
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