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जरुरी जानकारी | कोविड चिंता के साथ उतार-चढ़ाव वाले कारोबार में सेंसेक्स 202 अंक टूटा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. बीएसई सेंसेक्स शुक्रवार को 202 अंक की गिरावट के साथ बंद हुआ। कोविड-19 संक्रमण मामले तेजी से बढ़ने और उसका अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर चिंता के बीच आईसीआईसीआई बैंक, इन्फोसिस और एचयूएल में गिरावट के साथ शेयर बाजार नीचे आया।

जरुरी जानकारी | कोविड चिंता के साथ उतार-चढ़ाव वाले कारोबार में सेंसेक्स 202 अंक टूटा

मुंबई, 23 अप्रैल बीएसई सेंसेक्स शुक्रवार को 202 अंक की गिरावट के साथ बंद हुआ। कोविड-19 संक्रमण मामले तेजी से बढ़ने और उसका अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर चिंता के बीच आईसीआईसीआई बैंक, इन्फोसिस और एचयूएल में गिरावट के साथ शेयर बाजार नीचे आया।

विश्लेषकों के अनुसार अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर में गिरावट और इसके 75 के पार जाने तथा वैश्विक बाजारों में कमजोर रुख का भी घरेलू बाजार पर प्रभाव पड़ा। उतार-चढ़ाव भरे कारोबार में 30 शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 202.22 अंक यानी 0.42 प्रतिशत की गिरावट के साथ 47,878.45 अंक पर बंद हुआ।

इसी प्रकार, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 64.80 अंक यानी 0.45 प्रतिशत टूटकर 14,341.35 अंक पर बंद हुआ।

सेंसेक्स के शेयरों में सर्वाधिक नुकसान में महिंद्रा एंड महिंद्रा रहा। यह 2.63 प्रतिशत नीचे आया। इसके अलावा डा. रेड्डीज, भारती एयरटेल, टेक महिंद्रा, एचयूएल, आईसीआईसीआई बैंक और इन्फोसिस में भी गिरावट रही।

दूसरी तरफ, लाभ में रहने वाले शेयरों में पावर ग्रिड, एनटीपीसी, इंडसइंड बैंक, एक्सिस बैंक, एचडीएफसी और एशियन पेंट्स शामिल हैं। इनमें 3.51 प्रतिशत तक की तेजी आयी।

अवकाश के कारण कम कारोबारी दिवस वाले सप्ताह में सेंसेक्स 953.58 यानी 1.95 प्रतिशत जबकि निफ्टी 276.50 अंक यानी 1.89 प्रतिशत नीचे आये।

कोटक सिक्योरिटीज के बुनियादी शोध प्रमुख रूसमिक ओझा ने कहा कि भारतीय बाजार इस सप्ताह कोविड-19 मामलों में तेजी से वृद्धि के कारण एफपीआई की बिकवाली के कारण दबाव में आया। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये के 75 के आसपास बने रहने के साथ एफपीआई (विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक) इस सप्ताह शुद्ध रूप से बिकवाल रहे।

उन्होंने कहा, ‘‘भारत में संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं और यह एक तरह से केंद्र बन गया है। ऐसे में कंपनियों की आय में कमी की आशंका है। यह मझोले और छोटी कंपनियों के मामले में अधिक हो सकती है।’’

ओझा ने कहा, ‘‘विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा फिर से ‘लॉकडाउन’ और अन्य पाबंदियां लगाये जाने से मांग पर असर पड़ेगा और व्यापार गतिविधियां भी प्रभावित होंगी। इसके अलावा जिंसों के दाम में तेजी से विनिर्माता कंपनियों के मार्जिन पर असर पड़ेगा। कई सारी नकारात्मक कारणों के एक साथ आने से निकट भविष्य में बाजार पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।’’

स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़े के अनुसार देश में एक दिन में रिकॉर्ड 3,32,730 नये मामले सामने आने के बाद संक्रमण के कुल मामले बढ़कर 1,62,63,695 हो गए हैं। आंकड़े के मुताबिक 24 लाख से अधिक लोग संक्रमण की चपेट में हैं।

एशिया के अन्य बाजारों में शंघाई, हांगकांग और सोल में तेजी रही जबकि तोक्यो बाजार नुकसान में रहा।

यूरोप के प्रमुख बाजारों में मध्याह्न कारोबार में नुकसान का रुख रहा।

इस बीच, अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.06 प्रतिशत की गिरावट के साथ 65.36 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 7 पैसे टूटकर 75.01 पर बंद हुआ।

शेयर बाजार के अस्थायी आंकड़े के अनुसार विदेशी संस्थागत निवेशक पूंजी बाजार में शुद्ध बिकवाल बने हुए हैं। उन्होंने बृहस्पतिवार को बाजार से 909.56 करोड़ रुपये निकाले।

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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 23, 2021 06:08 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).