नयी दिल्ली, 29 अगस्त बाजार नियामक सेबी ने सोमवार को रियल एस्टेट निवेश ट्रस्ट (रीट) और बुनियादी ढांचा निवेश ट्रस्ट (इनविट) की तरफ से यूनिट के तरजीही आवंटन के लिये कीमत निर्धारण नियमों में बदलाव किया है।
नई रूपरेखा के तहत तरजीही निर्गम के तहत यूनिट के आवंटन के लिये मूल्य निर्धारण फॉर्मूला 90 कारोबारी दिन या 10 कारोबारी दिन के लिये, जो भी अधिक हो, साप्ताहिक उच्च और निम्न का मात्रा-भारांश औसत मूल्य (वीडब्ल्यूएपी) होगा।
वर्तमान में, तरजीही आवंटन में मूल्य निर्धारण के लिये पिछले दो सप्ताह या पिछले 26 सप्ताह, जो भी अधिक होगा, का मात्रा-भारांश औसत मूल्य है।
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने परिपत्र में कहा कि इकाइयों का तरजीही निर्गम वैसे किसी भी व्यक्ति को नहीं दिया जाएगा, जिसने निर्धारित तारीख से पहले के 90 कारोबारी दिन के दौरान जारीकर्ता की किसी भी इकाई को बेचा या स्थानांतरित किया है। वर्तमान में यह सीमा छह महीने है।
प्रायोजक से संबंधित किसी व्यक्ति ने तय तिथि से पहले 90 दिनों के दौरान निर्गम को बेचा या स्थानांतरित किया है, ऐसे में सभी प्रायोजक तरजीही आधार पर यूनिट के आवंटन के लिए पात्र नहीं होंगे।
हालांकि, वैसी स्थिति में किसी प्रायोजक पर प्रतिबंध लागू नहीं होगा, जब कोई संपत्ति उस प्रायोजक से रीट या इनविट अधिग्रहण कर रहे हैं।
घरेलू बाजार में रीट और इनविट अपेक्षाकृत निवेश के नये साधन हैं। हालांकि वैश्विक बाजारों में ये काफी लोकप्रिय हैं।
रीट में वाणिज्यिक रियल एस्टेट संपत्तियां शामिल होती हैं, वहीं इनविट में राजमार्ग और बिजली पारेषण संपत्ति जैसे बुनियादी ढांचा शामिल होते हैं।
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