नयी दिल्ली, नौ जून वैज्ञानिकों ने एक नये शोध में एक महत्वपूर्ण मोटे अनाज की किस्म, सेटारिया या कंगनी (फॉक्सटेल मिलेट) के पूर्ण जीनोम की मैपिंग की है।
शोध का नेतृत्व ‘चाइनीज एकेडमी ऑफ एग्रीकल्चरल साइंसेज’, चीन के शोधकर्ताओं ने किया था और इसमें न्यूयॉर्क विश्वविद्यालय, अमेरिका के वैज्ञानिक शामिल थे। यह शोध ‘नेचर जेनेटिक्स जर्नल’ में प्रकाशित हुआ है।
इस शोध के सह-वरिष्ठ लेखक माइकल पुरुगनन ने कहा, ‘‘यह एक ऐसी फसल है, जो शुष्क भूमि सहित- व्यापक वातावरण में विकसित हो सकती है। इसमें जलवायु परिवर्तन के मद्देनजर खाद्य सुरक्षा की महत्वपूर्ण क्षमता मौजूद है।’’
‘फॉक्सटेल मिलेट’, अनाज की दुनिया की सबसे पुरानी देसी किस्मों में से एक है और इसे लगभग 11,000 वर्षों से मनुष्यों द्वारा उगाया जाता रहा है। सिंचाई और रासायनिक उर्वरकों जैसी उच्च कृषि पद्धतियों की शुरुआत से पहले यह चीनी कृषि में एक प्रमुख स्थान रखता था।
प्रोटीन-युक्त यह अनाज कम पोषक तत्वों वाली मिट्टी में उगने में भी सक्षम है, क्योंकि यह सी-4 प्रकाश संश्लेषण को नियोजित करता है।
शोधकर्ताओं ने 1,844 सेटारिया प्रजातियों के विश्वव्यापी संग्रह से 110 प्रतिनिधि जीनोम को इकट्ठा करके सेटारिया या ‘सेटारिया पैन-जीनोम’ के पूरे समुच्चय की स्थापना की।
उन्होंने पाया कि जीन एसआईजीडब्ल्यू3 फॉक्सटेल मिलेट की अनाज उपज को नियंत्रित करता है।
‘चाइनीज एकेडमी ऑफ एग्रीकल्चरल साइंसेज’ में शोधकर्ता एवं शोध के प्रमुख लेखक कियांग ही ने कहा, ‘‘इन महत्वपूर्ण कृषि विशेषताओं के साथ-साथ फॉक्सटेल मिलेट के अंतर्निहित आनुवंशिक आधार को समझना, इसकी वृद्धि के लिए महत्वपूर्ण है।’’
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