सोमवार को जारी एक वीडियो में वह यूक्रेन में सैनिकों का निरीक्षण करते हुए नजर आये। इस वीडियो का मकसद देश में कई दशकों के इस सबसे गंभीर राजनीतिक संकट के बाद व्यवस्था बने रहने का संकेत देना है।
लेकिन अब भी उनकी, बागी नेता येवगेनी प्रीगोझिन एवं निजी सेना की तकदीर के साथ ही यूक्रेन में युद्ध पर प्रभाव और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के राजनीतिक भविष्य पर अनिश्चितता बनी हुई है।
इस लड़ाई के दौरान प्रीगोझिन और रूस के सैन्य नेतृत्व के बीच उत्पन्न कटुता ने विद्रोह का रूप ले लिया और वैग्नर समूह दक्षिणी रूस के एक सैन्य मुख्यालय पर कब्जा करने पहुंच गया। ऐसा जान पड़ता है कि बिना किसी रोक-टोक के वह मॉस्को से महज कुछ सौ मील दूर तक पहुंच गया। लेकिन शनिवार को 24 घंटे के अंदर ही वह वापस लौट गया।
क्रेमलिन ने कहा कि उसने समझौता किया है जिसके तहत प्रीगोझिन बेलारूस जाएंगे तथा उन्हें एवं उनके सैनिकों को क्षमादान मिलेगा।
वैसे तो प्रीगोझिन के ठिकाने के बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है लेकिन एक लोकप्रिय समाचार चैनल ने टेलीग्राम पर खबर दी कि उन्हें बेलारूस की राजधानी मिंस्क में एक होटल में देखा गया।
रक्षा मंत्रालय ने शोइगु का वीडियो ऐसे समय जारी किया है जब रूसी मीडिया अटकलें लगा रहा था कि वह और अन्य सैन्य नेता पुतिन का विश्वास खो चुके हैं और उन्हें उनके पद से हटाया जा सकता है।
वीडियो में शोइगु को एक हेलीकॉप्टर में उड़ान भरते और फिर यूक्रेन में सेना के एक मुख्यालय में सैन्य अधिकारियों से मुलाकात करते देखा गया। सरकारी टेलीविजन समेत रूसी मीडिया ने यह वीडियो दिखाया। वैसे यह स्पष्ट नहीं है कि यह वीडियो कब बनाया गया।
प्रीगोझिन के निशाने पर रहे स्टाफ प्रमुख जनरल वी गेरासिमोव भी सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आये हैं।
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