बेंगलुरु, 12 मई कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने मंगलवार को आरोप लगाया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) कोरोना वायरस के प्रसार के लिये तबलीगी जमात को जिम्मेदार ठहराकर महामारी को सांप्रदायिक रंग दे रहा है।
वहीं, भाजपा ने आरोप को सिरे से खारिज किया है।
कांग्रेस विधायक दल के नेता ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘आज वे राजनीति कर रहे हैं और आरोप लगा रहे हैं कि भारत में कोरोना वायरस तबलीगी के जरिए फैला है...मुद्दे को राजनीतिक रंग देना आरएसएस की रणनीति है। यह सांप्रदायिक राजनीति है।’’
उन्होंने केंद्र पर हमला बोलते हुए पूछा कि तबलीगी जमात को सम्मेलन करने की अनुमति किसने दी थी।
सिद्धरमैया ने कहा, ‘‘क्या यह केंद्र नहीं था? दिल्ली पुलिस किसके हाथ में है? आयोजन पुलिस थाने के पास हुआ।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यदि आप तबलीगी को दी गई अनुमति को देखें, तो स्पष्ट होता है कि इसके पीछे कोई साजिश है।’’
कांग्रेस नेता ने कहा कि पहली गलती यह थी कि अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के लिए अनुमति दी गई और दूसरी गलती यह थी कि कोरोना वायरस के महामारी का रूप लेने के बावजूद कार्यक्रम को जारी रहने दिया गया।
उधर, सिद्धरमैया के आरोप को खारिज करते हुए प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता एस प्रकाश ने पीटीआई- से कहा, ‘‘सिद्धरमैया को पता होना चाहिए कि जहां तबलीगी जमात का कार्यक्रम हुआ, वहां के थाना प्रभारी ने आयोजकों को बुलाया था और उनसे कार्यक्रम खत्म करने को कहा था, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया।’’
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