देश की खबरें | कांग्रेस व भाजपा के साथ गठबंधन नहीं करेगी आरएलपी: बेनीवाल

जयपुर, 29 अगस्त राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के संयोजक और नागौर से सांसद हनुमान बेनीवाल ने मंगलवार को कहा कि उनकी पार्टी कांग्रेस या भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ गठबंधन नहीं करेगी लेकिन युवा, गरीबों, दलित कल्याण की बात करने वाली पार्टियों के लिए दरवाजे खुले हैं।

राज्य में इस साल के आखिर में विधानसभा चुनाव होने हैं।

इसके साथ ही बेनीवाल ने कहा कि राज्य सरकार को इस साल छात्रसंघ चुनाव नहीं कराने का अपना फैसला वापस लेना चाहिए।

बेनीवाल ने यहां संवाददाताओं से कहा,‘‘आरएलपी को किसानों और युवाओं का समर्थन प्राप्त है। यह एकमात्र पार्टी है जो किसानों और युवाओं के मुद्दों पर लड़ रही है। किसानों, युवाओं का समर्थन पाकर आरएलपी आगामी चुनाव में 135-140 विधानसभा सीटों पर असर डालेगी।’’

आरएलपी के इस समय तीन विधायक हैं। भाजपा के पूर्व नेता बेनीवाल ने 2019 में लोकसभा का चुनाव भाजपा के साथ गठबंधन में नागौर सीट पर लड़ा था। हालांकि, दिसंबर 2020 में किसान आंदोलन के मुद्दे पर वह राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) से अलग हो गए।

उन्होंने कहा, ‘‘मेरी पार्टी कांग्रेस या भाजपा के साथ गठबंधन नहीं करेगी लेकिन किसानों, युवाओं और वंचितों की बात करने वाली पार्टी के साथ गठबंधन के दरवाजे खुले हैं।’’

बेलीवाल ने यह भी कहा कि आगामी चुनाव में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट कहीं नजर नहीं आएंगे। उन्होंने कहा कि 2020 में जब सचिन पायलट ने बगावत की थी तो आरएलपी सरकार बनाने के लिए भाजपा के साथ खड़ी थी।

बेनीवाल ने यह भी कहा कि पायलट के मानेसर जाने (जुलाई 2020 में गहलोत के खिलाफ बगावत) के कदम से उनकी छवि को नुकसान पहुंचा है।

इस साल की शुरुआत में, बेनीवाल ने पायलट को एक नई पार्टी बनाने और विधानसभा चुनाव के लिए उनके साथ गठबंधन करने की पेशकश की थी। उन्होंने कहा कि पिछले विधानसभा चुनाव में टोंक विधानसभा क्षेत्र में पायलट के खिलाफ प्रचार न करके उन्होंने उनकी मदद की थी।

भाजपा विधायक कैलाश मेघवाल की केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल पर की गई टिप्पणी पर बेनीवाल ने कहा कि अगर कैलाश मेघवाल ने आरोप लगाया है तो जरूर कोई बात होगी। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष कैलाश मेघवाल ने सोमवार को सभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री पर “भ्रष्ट नंबर एक” होने का आरोप लगाया था।

बेनीवाल ने राज्य सरकार से महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में छात्र संघ चुनाव नहीं कराने के आदेश को वापस लेने की भी मांग की।

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