नयी दिल्ली, दो जुलाई दिल्ली की एक अदालत में एक अधिवक्ता ने एक अर्जी दायर कर योग गुरु रामदेव और अन्य के खिलाफ यह दावा करके लोगों को कथित तौर पर धोखा देने को लेकर एक प्राथमिकी दर्ज करने का अनुरोध किया है कि उनकी कंपनी पतंजलि ने कोविड-19 का इलाज खोज लिया है।
अधिवक्ता तुषार आनंद की ओर से दायर अर्जी में दावा किया गया है कि रामदेव और अन्य व्यक्तियों को ‘‘केवल एक प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली दवा बनाने या उसका उत्पादन करने की अनुमति थी और वे मीडिया में झूठा दावा कर रहे हैं कि उन्होंने कोविड-19 का एक इलाज खोज लिया है।’’
अर्जी में कहा गया है, ‘‘आरोपी व्यक्ति मीडिया का अनुचित लाभ उठा रहे हैं और उन लोगों के समक्ष झूठा दावा पेश कर रहे हैं जो उत्पाद खरीदेंगे, क्योंकि उपरोक्त आरोपी व्यक्ति घातक कोरोना वायरस को ठीक करने का दावा कर रहे हैं।’’
इसमें कहा गया है, ‘‘इसके तहत आरोपी व्यक्तियों ने जनता को नुकसान पहुंचाने के गलत इरादे से पूर्व नियोजित षड्यंत्र के तहत इस तरह के दुष्प्रचार किए और खुद को गलत तरीके से लाभ पहुंचाने के इरादे से एक ऐसा उत्पाद तैयार किया जिसके लिए उन्होंने कभी भी संबंधित अधिकारियों से कोई लाइसेंस का न तो दावा किया और न ही प्राप्त किया।’’
अर्जी शुक्रवार को सुनवायी के लिए आने की उम्मीद है।
अर्जी में विभिन्न धाराओं के तहत एक प्राथमिकी दर्ज करने का अनुरोध किया गया है जिसमें धारा 270, 420 और 504 शामिल हैं।
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