नयी दिल्ली, पांच अगस्त भ्रष्टाचार या अक्षमता के आरोप में सरकारी सेवा से बर्खास्त अधिकारियों के ज्ञापनों पर विचार करने वाली समिति में उपभोक्ता मामलों की सचिव लीना नंदन को शामिल किया गया है।
कार्मिक मंत्रालय द्वारा बुधवार को जारी एक आदेश में यह जानकार दी गयी है।
मंत्रालय ने तीन सदस्यीय समिति का पुनर्गठन किया है।
समिति में नंदन के अलावा कैबिनेट सचिवालय में संयुक्त सचिव आशुतोष जिंदल भी शामिल होंगे।
यह आदेश केंद्र सरकार के विभागों के सभी सचिवों को जारी किया गया है। समिति में एक सदस्य कथित भ्रष्ट अधिकारी से संबंधित कैडर को नियंत्रित करने वाले प्राधिकार की ओर से नामित किए जाएंगे।
समिति उन अधिकारियों के ज्ञापनों पर विचार करती है जिन्हें मौलिक नियम (एफआर) 56 (जे), (आई) और केंद्रीय सिविल सेवा (पेंशन) नियमावली 1972 के नियम 48 के तहत बर्खास्त किया गया है।
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